पश्चिम चंपारण: बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बड़गो गांव में शराब और शराबियों के खिलाफ महिलाओं ने मोर्चा खोल दिया है। गांव की महिलाएं हाथों में डंडा और झाड़ू लेकर सड़कों पर उतरीं और शराब पीने तथा इसकी अवैध बिक्री के खिलाफ अभियान चलाया। महिलाओं ने साफ संदेश दिया कि गांव में शराब पीकर उत्पात मचाने और परिवारों का माहौल खराब करने वालों को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बिहार में शराबबंदी लागू होने के बावजूद कई क्षेत्रों से अवैध शराब की बिक्री और सेवन की शिकायतें सामने आती रहती हैं। बड़गो की महिलाओं का कहना है कि शराब के कारण गांव के कई परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। घर की कमाई शराब में खर्च होने से आर्थिक संकट बढ़ने के साथ
घरेलू विवाद
भी होते हैं। इसी से परेशान होकर महिलाओं ने खुद आगे आने का फैसला किया।
अभियान के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं एकजुट होकर गांव की गलियों और सड़कों पर निकलीं। उनके हाथों में डंडे और झाड़ू थे। महिलाओं ने गांव में घूमकर लोगों को शराब नहीं पीने की चेतावनी दी। साथ ही अवैध रूप से शराब बेचने वालों को भी कारोबार बंद करने का संदेश दिया। महिलाओं का कहना है कि शराब के कारण सबसे ज्यादा नुकसान परिवारों को उठाना पड़ता है। कई पुरुष अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा नशे में खर्च कर देते हैं, जिससे घर चलाने और बच्चों की पढ़ाई जैसी जरूरतें प्रभावित होती हैं। शराब पीने के बाद झगड़ा और हंगामा होने से महिलाओं तथा बच्चों को भी परेशानी झेलनी पड़ती है।
ग्रामीण महिलाओं की इस पहल ने पूरे इलाके में चर्चा पैदा कर दी है। अभियान का उद्देश्य किसी व्यक्ति से निजी दुश्मनी नहीं बल्कि गांव में शराब के सेवन और अवैध बिक्री पर रोक लगाना बताया गया है। महिलाओं ने लोगों से नशे से दूर रहने और परिवार की जिम्मेदारियों पर ध्यान देने की अपील की।
बिहार में अप्रैल 2016 से पूर्ण शराबबंदी लागू है। राज्य में शराब की बिक्री, भंडारण और सेवन पर कानूनी प्रतिबंध है। इसके बावजूद अवैध शराब से जुड़े मामले सामने आते रहे हैं। सरकार और पुलिस की कार्रवाई के साथ कई जगहों पर स्थानीय स्तर पर भी महिलाएं नशे के खिलाफ अभियान चलाती रही हैं।
बड़गो में महिलाओं की एकजुटता को इसी सामाजिक अभियान के रूप में देखा जा रहा है। उनका कहना है कि गांव में शराब के कारण किसी परिवार का जीवन प्रभावित न हो, इसके लिए जागरूकता और सामूहिक दबाव दोनों जरूरी हैं। महिलाओं ने चेतावनी दी है कि शराब पीकर गांव में हंगामा करने वालों के खिलाफ उनका अभियान जारी रहेगा। साथ ही अवैध शराब की बिक्री की जानकारी मिलने पर संबंधित अधिकारियों को सूचना देने की बात कही गई है। इस पहल के बाद गांव में शराब पीने और बेचने वालों के बीच भी हलचल बढ़ गई है।
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