नामांकन के तुरंत बाद गिरफ्तार हुईं तेज प्रताप की उम्मीदवार वीणा मानवी

Update: 2026-07-13 09:15 GMT

पटना: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए नामांकन के अंतिम दिन सोमवार को पटना समाहरणालय (कलेक्ट्रेट) परिसर में उस समय भारी अफरा-तफरी मच गई, जब तेज प्रताप यादव की पार्टी जनशक्ति जनता दल (JJD) की उम्मीदवार वीणा मानवी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। वीणा मानवी अपना नामांकन पत्र दाखिल कर जैसे ही बाहर निकलीं, पहले से मौजूद पुलिस बल ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया और गिरफ्तार कर लिया। इस औचक कार्रवाई के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में काफी देर तक हाई-वोल्टेज ड्रामा और हंगामा चलता रहा।

धोखाधड़ी के मामले में गैर-जमानती वारंट पर कार्रवाई

पटना पुलिस के मुताबिक, वीणा मानवी के खिलाफ धोखाधड़ी (भारतीय दंड संहिता की धारा 420) से जुड़े एक पुराने मामले में अदालत की ओर से गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया गया था। पुलिस को सूचना मिली थी कि वह सोमवार को नामांकन दाखिल करने समाहरणालय पहुंचने वाली हैं। इसी इनपुट के आधार पर पुलिस टीम ने जाल बिछाया। जैसे ही वह प्रक्रिया पूरी करके बाहर आईं, पुलिस ने अदालत के आदेश का अनुपालन करते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया।

कलेक्ट्रेट परिसर में ड्रामा और भागने की कोशिश

प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस सूत्रों के अनुसार, जैसे ही वीणा मानवी को परिसर में भारी संख्या में पुलिस बल की मौजूदगी का अहसास हुआ, उन्होंने वहां से चुपचाप निकलने का प्रयास किया। हालांकि, मुस्तैद महिला पुलिसकर्मियों और सुरक्षाबलों ने उन्हें तुरंत रोक लिया। इस दौरान वीणा मानवी और उनके समर्थकों ने पुलिस कार्रवाई का तीखा विरोध किया। काफी देर तक चली गहमागहमी और मशक्कत के बाद पुलिस उन्हें अपने वाहन तक ले जाने में सफल रही।

प्रत्याशी ने रोते हुए लगाया राजनीतिक साजिश का आरोप

पुलिस कस्टडी में लिए जाने के दौरान वीणा मानवी पूरी तरह भावुक हो गईं। वह रोते-बिलखते हुए लगातार खुद को बेकसूर बताती रहीं और पुलिस से छोड़ने की गुहार लगाती रहीं। मीडिया कैमरों के सामने उन्होंने इस पूरी कार्रवाई को एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश करार दिया। वीणा मानवी ने आरोप लगाया कि, "विरोधी दल चुनाव में अपनी हार के डर से बौखला गए हैं। भाजपा के इशारे और राजनीतिक दबाव में पुलिस ने जानबूझकर नामांकन के दिन यह कार्रवाई की है ताकि मुझे चुनाव लड़ने से रोका जा सके।" वहीं, उनके समर्थकों ने कलेक्ट्रेट के बाहर जमकर नारेबाजी की और प्रशासन पर सत्ता पक्ष के दबाव में काम करने का आरोप लगाया।

पुलिस का बयान और आगे की कानूनी प्रक्रिया

दूसरी तरफ, पुलिस प्रशासन ने राजनीतिक दबाव के आरोपों को पूरी तरह सिरे से खारिज कर दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कोई राजनीतिक मामला नहीं है, बल्कि विशुद्ध रूप से एक कानूनी प्रक्रिया है। माननीय न्यायालय द्वारा जारी किए गए गैर-जमानती वारंट के तहत ही यह कदम उठाया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि कानून के समक्ष सभी बराबर हैं और स्थापित प्रक्रिया के तहत ही आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी के तुरंत बाद वीणा मानवी को चिकित्सीय जांच के लिए ले जाया गया, जिसके बाद उन्हें आगे की कानूनी कार्यवाही और रिमांड के लिए संबंधित अदालत में पेश किया गया।

बांकीपुर में त्रिकोणीय मुकाबले के बीच बढ़ी राजनीतिक तपिश

गौरतलब है कि बांकीपुर उपचुनाव को लेकर पटना की सियासी सरगर्मी पहले से ही बढ़ी हुई थी। सोमवार को नामांकन के अंतिम दिन वीणा मानवी के अलावा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा और जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार प्रशांत किशोर भी अपने समर्थकों के भारी हुजूम के साथ नामांकन दाखिल करने कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। बड़े दिग्गजों की मौजूदगी के कारण सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही कड़ी थी। ऐसे में नामांकन के ठीक बाद मुख्य विपक्षी गठबंधन के सहयोगी दल की प्रत्याशी की गिरफ्तारी ने बांकीपुर के चुनावी समर को और ज्यादा गरमा दिया है। अब देखना यह होगा कि इस नाटकीय घटनाक्रम का आने वाले चुनाव और जनता के मूड पर क्या असर पड़ता है।

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