सतत् जीविकोपार्जन योजना लक्षित परिवारों के लिए आय वृद्धि का बेहतर स्रोतः मुख्य सचिव

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Update: 2022-12-02 10:33 GMT
पटना। सतत् जीविकोपार्जन योजना लक्षित परिवारों के लिए आय वृद्धि का बेहतर स्रोत है, जिसके लिए सरकार प्रति परिवार एक लाख रुपए तक निवेश में सहयोग हेतु कृतसंकल्प है। उक्त बातें सूचना भवन के सभागार में आयोजित संवाददाता सम्मेलन के दौरान बिहार के मुख्य सचिव आमिर सुबहानी ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कही। मुख्य सचिव ने 29 नवम्बर को मंत्रिपरिषद् की बैठक में निर्णीत ग्रामीण विकास विभाग के सतत् जीविकोपार्जन योजना की अहम बातों पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस दौरान योजना के तथ्यात्मक तथा आंकड़ों संबंधित पहलुओं पर प्रकाश डालने के लिए मुख्य सचिव के साथ ग्रामीण विकास विभाग के सचिव बालामुरुगन डी भी उपस्थित थे। मुख्य सचिव ने बताया कि बिहार सरकार द्वारा देशी शराब एवं ताड़ी के उत्पादन एवं बिक्री में पारम्परिक रूप से जुड़े अत्यंत निर्धन परिवारों एवं अनुसूचित जाति/जनजाति एवं अन्य समुदायों के लक्षित अत्यंत निर्धन परिवारों के पक्ष में राज्य योजना अन्तर्गत "सतत् जीविकोपार्जन योजना की शुरुआत 5 अगस्त, 2018 को तीन वर्षों के लिए माननीय मुख्यमंत्री, बिहार द्वारा किया गया।
राज्य सरकार द्वारा योजना का अवधि विस्तार अगले तीन वर्षों (2021 से 2024) के लिए किया गया है। योजना अन्तर्गत अब तक कुल 1,47,277 अत्यन्त निर्धन परिवारों का चयन किया जा चुका है। चयनित परिवारों में 95,921 अनुसूचित जाति/जनजाति तथा 51,356 अन्य वर्गों के हैं। अब तक 1,45,998 अत्यंत निर्धन परिवारों को क्षमतावर्धन विषयों पर प्रशिक्षित किया जा चुका है। सतत् जीविकोपार्जन योजना अन्तर्गत जीविका ग्राम संगठनों द्वारा 1,41,108 चयनित अत्यंत निर्धन परिवारों को जीविकोपार्जन निवेश निधि उपलब्ध करवाई गई है एवं इन परिवारों को सूक्ष्म व्यवसाय, गव्य, बकरी एवं मुर्गी पालन, मधुमक्खी पालन तथा कृषि संबंधित गतिविधियों 1 से जोड़ा गया है। योजना से लाभान्वित परिवारों में 1,01,971 परिवार सूक्ष्म व्यवसाय, 38,384 परिवार पशुपालन तथा 753 परिवार कृषि से जुड़े हैं। पशुपालन से जुड़े परिवारों में 35812 बकरी पालन तथा 2572 परिवार गव्य पालन से जुड़े हैं। योजना अन्तर्गत कुल 40,893 ताड़ी तथा देशी शराब से जुड़े परिवारों को सतत् जीविकोपार्जन योजना से जोड़ा गया। इनमें से 30,619 परिवार ताड़ी तथा 10,274 परिवार देशी शराब के उत्पादन एवं बिक्री में पारम्परिक रूप से जुड़े हुए थे। नगर विकास एवं आवास विभाग अन्तर्गत राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन एवं जिला प्रशासन के सहयोग से शहरी क्षेत्रों में ताड़ी तथा देशी शराब से जुड़े 12258 परिवारों का सर्वेक्षण किया गया है। इन परिवारों में से योग्य परिवारों को सतत् जीविकोपार्जन योजना अन्तर्गत लाभान्वित किया जाना है।
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