पूर्णिया। बिहार में मौसम के बदले मिजाज के बीच पूर्णिया जिले में गुरुवार को तेज आंधी और बारिश ने भारी नुकसान पहुंचाया। बायसी प्रखंड की गंगार पंचायत के मालोपाड़ा तेलंगा और शेरण पोखर गांव में दोपहर करीब तीन बजे अचानक आई तेज आंधी से 50 से अधिक घरों के टिन के छप्पर उड़ गए। एक दर्जन से अधिक कच्चे मकानों को भी नुकसान पहुंचा। कुछ लोगों को हल्की चोटें आने की सूचना है।
आंधी इतनी तेज थी कि ग्रामीणों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। कई मकानों के टिन के छप्पर हवा में उड़कर दूसरे घरों, खेतों और पेड़ों के पास जा गिरे। तेज हवा के कारण गांव में एक बड़ा पेड़ भी धराशायी हो गया। अचानक आए तूफान से कुछ देर तक गांव में अफरातफरी का माहौल रहा। लोग अपने घरों से निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए।
सबसे अधिक नुकसान गंगार पंचायत के वार्ड संख्या एक, दो और तीन में स्थित मालोपाड़ा तेलंगा और शेरण पोखर इलाके में हुआ है। जिन परिवारों के मकानों के छप्पर उड़ गए, उनके सामने बारिश के बीच घरेलू सामान को बचाने की चुनौती खड़ी हो गई। कई घरों में रखा बिछावन, राशन और दूसरी जरूरी सामग्री पानी में भीग गई। कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचने के कारण कई परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
ग्रामीणों के मुताबिक मौसम में बदलाव अचानक हुआ। दोपहर तक सामान्य स्थिति के बाद तेज हवा के साथ बारिश शुरू हुई और देखते ही देखते हवा ने आंधी का रूप ले लिया। पीड़ित ग्रामीणों ने बताया कि तेज हवा के कारण छप्पर इतनी तेजी से उड़े कि लोगों को घर का सामान निकालने तक का समय नहीं मिला। हालांकि इस घटना में किसी बड़ी जनहानि की सूचना नहीं है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद गंगार पंचायत के मुखिया गुलाम गौस प्रभावित इलाके में पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर नुकसान की जानकारी ली। प्रारंभिक स्तर पर करीब 50 घरों के छप्पर उड़ने की बात सामने आई है। प्रशासन को भी घटना की सूचना दी गई, जिसके बाद क्षति का आकलन शुरू कराया गया है।
बायसी के अंचल अधिकारी गणेश पासवान ने राजस्व कर्मचारी को प्रभावित क्षेत्रों का स्थल निरीक्षण कर नुकसान का आकलन करने का निर्देश दिया है। वहीं एसडीएम अभिषेक रंजन ने क्षतिग्रस्त मकानों और प्रभावित परिवारों को चिह्नित कर सूची तैयार करने को कहा है। प्रशासनिक आकलन पूरा होने के बाद प्रभावित परिवारों की वास्तविक संख्या और संपत्ति को हुए नुकसान की विस्तृत स्थिति स्पष्ट होगी।
आंधी के साथ पूर्णिया में बारिश ने भी जनजीवन प्रभावित किया है। शहर में बुधवार शाम से शुरू हुई बारिश गुरुवार शाम तक रुक-रुककर जारी रही। गुरुवार सुबह साढ़े आठ बजे तक 16 मिलीमीटर और शाम साढ़े पांच बजे तक 32 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इस तरह 24 घंटे में कुल 48 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
लगातार बारिश के कारण पूर्णिया शहर के कई गली-मोहल्लों और सड़कों पर जलजमाव की स्थिति बन गई। निचले इलाकों में पानी जमा होने से लोगों को आवागमन में परेशानी हुई। कई जगह सड़कों पर पानी भरने से पैदल चलना भी मुश्किल हो गया। स्कूल जाने वाले बच्चों और उनके अभिभावकों को भी जलजमाव वाले रास्तों से गुजरना पड़ा।
बारिश और बादलों के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। गुरुवार को पूर्णिया का अधिकतम तापमान 28.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकतम तापमान में करीब चार डिग्री और न्यूनतम तापमान में करीब दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज हुई।
मौसम विभाग के स्थानीय अधिकारी के मुताबिक तेज हवा के कारण कुछ क्षेत्रों में नुकसान हुआ। मौसम को देखते हुए प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खास तौर पर खराब मौसम के दौरान नदी किनारे जाने, स्नान करने या मछली पकड़ने से बचने को कहा गया है। प्रभावित क्षेत्र में प्रशासन नुकसान का आकलन करने के साथ लोगों को मौसम संबंधी सावधानियों की जानकारी भी दे रहा है।
पूर्णिया में 25 सितंबर को भी बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान है। उपलब्ध मौसम पूर्वानुमान के अनुसार आसमान सामान्य रूप से बादलों से घिरा रह सकता है और बारिश या गरज के साथ बौछारों के एक-दो दौर देखने को मिल सकते हैं। ऐसे में पहले से प्रभावित इलाकों में लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता मालोपाड़ा तेलंगा और शेरण पोखर गांव में प्रभावित परिवारों तथा क्षतिग्रस्त मकानों की सूची तैयार करना है। आंधी में जिन लोगों के घरों के छप्पर उड़ गए या कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, उनके नुकसान का राजस्व विभाग की ओर से आकलन किया जा रहा है। अचानक आए आंधी-तूफान ने कुछ ही मिनटों में दर्जनों परिवारों के घरों को नुकसान पहुंचाया और बारिश ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दीं।