मोकामा हत्याकांड पर पूर्व सांसद सूरजभान सिंह का बयान

Update: 2025-10-31 16:48 GMT
BIHAR बिहार: हाल ही में मोकामा में हुई चर्चित हत्याकांड की घटना पर बिहार के पूर्व सांसद सूरजभान सिंह ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस घटना को देश और लोकतंत्र के लिए “दुर्भाग्यपूर्ण” बताते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं को रोकने में चुनाव आयोग की जिम्मेदारी सबसे अधिक है।
सूरजभान सिंह ने कहा, “यह देश के लिए अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। जब लोकतंत्र के सबसे बड़े पर्व यानी चुनाव के समय ऐसी हिंसक घटनाएं होती हैं, तो यह जनता के विश्वास को कमजोर करती हैं। चुनाव आयोग को ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने चाहिए।”
उन्होंने कहा कि मोकामा जैसी घटनाएं केवल एक क्षेत्र की समस्या नहीं हैं बल्कि पूरे देश की चुनावी व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं। “चुनाव आयोग को देशभर में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस नीति बनानी चाहिए, ताकि जनता में यह भरोसा बना रहे कि चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से हो रहे हैं,” उन्होंने जोड़ा।
“लोगों का विश्वास कायम रखना जरूरी”
पूर्व सांसद ने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत जनता का विश्वास है। “अगर लोगों को यह लगने लगे कि चुनाव के दौरान हिंसा और अपराध बढ़ रहे हैं, तो यह हमारे लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है। आयोग और प्रशासन को मिलकर ऐसे तत्वों पर अंकुश लगाना चाहिए जो चुनावी माहौल को बिगाड़ने का प्रयास करते हैं,” उन्होंने कहा।
उन्होंने यह भी कहा कि मोकामा की घटना न केवल कानून व्यवस्था की नाकामी को दर्शाती है बल्कि यह भी बताती है कि अपराधी अब भी बेखौफ हैं। “सरकार और पुलिस को इस घटना में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी ऐसी हरकत करने से पहले सौ बार सोचे,” उन्होंने कहा।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज
मोकामा हत्याकांड ने बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है। विपक्ष ने सरकार पर कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं, जबकि सत्तापक्ष ने कहा है कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। इस बीच, पूर्व सांसद सूरजभान सिंह का बयान इस बहस को नया आयाम दे रहा है क्योंकि उन्होंने सीधे चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।
“चुनाव आयोग को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए”
सूरजभान सिंह ने कहा कि आयोग के पास पर्याप्त अधिकार हैं, बस जरूरत है कि उन्हें सख्ती से लागू किया जाए। “अगर समय रहते कार्रवाई होती, तो ऐसी घटना शायद टल जाती। आयोग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की हिंसा या भय का माहौल न बने,” उन्होंने कहा।
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