बक्सर। बिहार में चलती ट्रेन के अंदर एक यात्री से जबरन पैसे मांगने, मारपीट करने और रुपये छीनने का मामला सामने आया है। संघमित्रा एक्सप्रेस की जनरल बोगी में सफर कर रहे एक युवक के साथ कथित तौर पर पांच किन्नरों ने मारपीट की। आरोप है कि युवक ने अपनी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने का हवाला देकर पैसे देने से इनकार किया था। इससे नाराज आरोपियों ने पहले उसके साथ गाली-गलौज की और फिर मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान युवक को दांत से काटकर घायल करने और उसकी जेब से 1500 रुपये छीनने का भी आरोप है। मामले की सूचना मिलने के बाद बक्सर रेल पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

घटना 2 नवंबर 2026 को ट्रेन संख्या 12296 संघमित्रा एक्सप्रेस में हुई। जानकारी के अनुसार, ट्रेन के साधारण श्रेणी के डिब्बे में यात्री माजिद आलम सफर कर रहे थे। इसी दौरान पांच आरोपी यात्रियों से पैसे मांगने लगे। आरोप है कि पैसे देने से इनकार करने वाले यात्रियों के साथ अभद्र व्यवहार किया जा रहा था।

पीड़ित यात्री माजिद आलम से भी पैसे मांगे गए। उन्होंने अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए रुपये देने में असमर्थता जताई। शिकायत के अनुसार, इसी बात पर आरोपियों ने उनके साथ विवाद शुरू कर दिया। देखते ही देखते कहासुनी बढ़ गई और मारपीट होने लगी।

आरोप है कि मारपीट के दौरान युवक को दांत से काट लिया गया, जिससे वह घायल हो गया। इसके बाद उसकी जेब से 1500 रुपये छीन लिए गए। चलती ट्रेन में अचानक हुए विवाद और मारपीट से आसपास मौजूद यात्री घबरा गए। घटना ने रेल यात्रा के दौरान यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।

मामले की सूचना पटना रेल नियंत्रण कक्ष तक पहुंची। नियंत्रण कक्ष से संबंधित रेल पुलिस को जानकारी दी गई, जिसके बाद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई शुरू हुई। रेल पुलिस ने ट्रेन की स्थिति और उसके बक्सर पहुंचने के समय को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की योजना बनाई।

बक्सर रेल थानाध्यक्ष मनी चंद पाण्डेय के नेतृत्व में पुलिस टीम को सक्रिय किया गया। रेल पुलिस ने रेलवे सुरक्षा बल और ट्रेन में तैनात एस्कॉर्ट दल के साथ समन्वय स्थापित किया। उद्देश्य था कि ट्रेन के स्टेशन पहुंचते ही आरोपियों को हिरासत में लिया जा सके।

जानकारी के अनुसार, 2 नवंबर की रात करीब साढ़े नौ बजे पुलिस टीम बक्सर रेलवे स्टेशन पर मौजूद थी। संघमित्रा एक्सप्रेस के प्लेटफॉर्म नंबर दो पर पहुंचने के बाद पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल की संयुक्त मदद से पांचों संदिग्धों को हिरासत में ले लिया गया।

इसके बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाशी ली। तलाशी के दौरान उनके पास से 500 रुपये के तीन नोट बरामद किए गए। बरामद राशि कुल 1500 रुपये थी। पुलिस के अनुसार, यह वही रकम थी जिसे यात्री से छीनने का आरोप लगाया गया था। रकम जब्त करने के बाद पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रुबेन उर्फ सोनिया, टोनी उर्फ सुम्या, अजहर उर्फ खुशी, बानो उर्फ चंपा और मिराज उर्फ बिजली के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार लोगों की उम्र 19 से 26 वर्ष के बीच है। सभी आरोपी भोजपुर जिले के बिहिया थाना क्षेत्र के रहने वाले बताए गए हैं।

रेल पुलिस ने इस मामले में बक्सर रेल थाने में प्राथमिकी दर्ज की है। दर्ज मामले का कांड संख्या 233/2026 है। प्राथमिकी 2 नवंबर 2026 को भारतीय न्याय संहिता की धारा 126(2), 115(2), 304(2) और 3(5) के तहत दर्ज की गई है। इन धाराओं के अंतर्गत रास्ता रोकने, चोट पहुंचाने, छिनतई तथा साझा मंशा से संबंधित आरोपों की जांच की जा रही है।

मामले की जांच की जिम्मेदारी पुलिस अवर निरीक्षक अखिलेश यादव को सौंपी गई है। पुलिस अब घटना के संबंध में पीड़ित के बयान, बरामद नकदी और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करेगी। मामले में आरोपियों की भूमिका और घटना के पूरे क्रम को जांच के आधार पर स्पष्ट किया जाएगा।

इस घटना ने एक बार फिर चलती ट्रेनों में जबरन वसूली और यात्रियों के साथ दुर्व्यवहार की समस्या की ओर ध्यान खींचा है। विशेष रूप से सामान्य श्रेणी के डिब्बों में बड़ी संख्या में यात्री सफर करते हैं। भीड़ अधिक होने और सीमित स्थान उपलब्ध होने के कारण किसी विवाद की स्थिति में यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।

रेलवे में यात्रियों से जबरन पैसे मांगना, धमकी देना या मारपीट करना कानूनन गलत है। किसी भी व्यक्ति या समूह को यात्रियों की इच्छा के विरुद्ध पैसे वसूलने का अधिकार नहीं है। इस मामले में भी कार्रवाई संबंधित आरोपियों के कथित आपराधिक व्यवहार को लेकर की गई है, न कि उनकी लैंगिक पहचान के आधार पर।

रेल पुलिस की ओर से यात्रियों से अपील की गई है कि यदि ट्रेन में कोई व्यक्ति जबरन पैसे मांगता है, धमकी देता है या मारपीट करता है, तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें। समय पर शिकायत मिलने से रेलवे सुरक्षा बल और राजकीय रेल पुलिस को कार्रवाई करने में मदद मिलती है।

यात्री रेलवे की हेल्पलाइन संख्या 139 पर भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा ट्रेन में मौजूद सुरक्षा कर्मियों, टिकट जांच कर्मचारियों या नजदीकी रेलवे स्टेशन पर भी घटना की जानकारी दी जा सकती है।

रेल यात्रा के दौरान किसी संदिग्ध गतिविधि या विवाद की स्थिति में यात्रियों को अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए। यदि कोई व्यक्ति जबरन वसूली करता है, तो उससे भिड़ने के बजाय उपलब्ध सुरक्षा व्यवस्था की मदद लेना अधिक सुरक्षित हो सकता है।

बक्सर रेल पुलिस की इस कार्रवाई में पांच आरोपियों की गिरफ्तारी और कथित रूप से छीनी गई पूरी रकम की बरामदगी हुई है। हालांकि, आरोपियों के विरुद्ध लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।

फिलहाल संघमित्रा एक्सप्रेस में हुई इस घटना को लेकर रेल पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। घटना के बाद रेल यात्रियों की सुरक्षा और ट्रेनों में अवैध वसूली रोकने के लिए सतर्कता बढ़ाने की आवश्यकता एक बार फिर सामने आई है।

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