कर्पूरीग्राम में युवती से बदसलूकी पर सांसद शाम्भवी सख्त, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग
समस्तीपुर। बिहार के समस्तीपुर जिले के कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र में युवती के साथ कथित बदसलूकी का मामला सामने आने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है। समस्तीपुर की सांसद शाम्भवी ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि बहन-बेटियों के सम्मान और सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने मामले में शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
मामला कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र के जगतसिंहपुर गांव स्थित बांध बाइपास रोड का है। सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में कुछ युवक एक लड़की को घेरकर उसके साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार करते दिखाई दे रहे हैं। घटना का वीडियो बुधवार देर शाम सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया और कार्रवाई शुरू की।
घटना की जानकारी मिलने के बाद सांसद शाम्भवी ने भी मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में बताया कि बुधवार देर रात उन्हें घटना के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद से वह लगातार समस्तीपुर के पुलिस अधीक्षक और प्रशासनिक अधिकारियों के संपर्क में हैं। सांसद ने घटना को निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।
सांसद ने कहा कि महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इस तरह की घटनाओं को किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने पुलिस और प्रशासन से मामले में तेजी से कार्रवाई करने और जिम्मेदार लोगों को कानून के दायरे में लाने को कहा है।
इस बीच समस्तीपुर पुलिस ने वायरल वीडियो के आधार पर कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक मामले में प्राथमिकी भी दर्ज की गई है। पुलिस ने वीडियो में दिखाई देने वाले लोगों की पहचान के लिए जांच शुरू की थी और इसके बाद चार आरोपियों को पकड़ा गया।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार युवती अपने एक साथी के साथ बांध बाइपास रोड पर पहुंची थी। इसी दौरान कुछ स्थानीय युवकों ने दोनों को घेर लिया। आरोप है कि युवती के साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किया गया। घटना के दौरान किसी व्यक्ति ने मोबाइल फोन से वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर प्रसारित हो गया।
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपियों की पहचान की प्रक्रिया शुरू की। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने तत्काल टीम को कार्रवाई में लगाया। समस्तीपुर के पुलिस अधीक्षक अरविंद प्रताप सिंह ने मीडिया को बताया कि वायरल वीडियो के आधार पर कार्रवाई की गई है। बाद में चार आरोपियों की गिरफ्तारी और एफआईआर दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई।
घटना के वीडियो में युवती आरोपियों से खुद को छोड़ने की बात कहती दिखाई देती है। आरोप है कि कुछ युवक उसका हाथ पकड़ने और उसके साथ गलत व्यवहार करने की कोशिश करते हैं। वीडियो में दिखाई देने वाले घटनाक्रम को लेकर पुलिस अब उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
मामले में पीड़िता की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। घटना से जुड़े वीडियो के सोशल मीडिया पर प्रसार को लेकर भी संवेदनशीलता बरतने की जरूरत है, क्योंकि ऐसे मामलों में पीड़ित की निजता की सुरक्षा महत्वपूर्ण होती है।
सांसद शाम्भवी ने अपने संदेश में स्पष्ट किया कि वह मामले में पुलिस और प्रशासन से लगातार जानकारी ले रही हैं। उन्होंने कहा कि घटना में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। उनका कहना है कि बेटियों के सम्मान और सुरक्षा को लेकर किसी तरह की ढिलाई नहीं होनी चाहिए।
पुलिस की शुरुआती कार्रवाई के बाद अब मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। वायरल वीडियो, घटनास्थल से जुड़ी जानकारी और संबंधित लोगों के बयान जांच में महत्वपूर्ण होंगे। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटनाक्रम में और कौन लोग शामिल थे तथा वीडियो किसने बनाया और किस परिस्थिति में इसे सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया।
कर्पूरीग्राम की इस घटना के सामने आने के बाद महिलाओं की सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। विशेष रूप से सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
घटना के संबंध में अलग-अलग शुरुआती रिपोर्टों में तारीख और कुछ परिस्थितियों को लेकर अंतर भी दिखाई देता है। कुछ रिपोर्टों ने घटना को बुधवार का बताया है, जबकि कुछ अन्य मीडिया रिपोर्टों में इसे पहले की घटना बताया गया है, जिसका वीडियो 23 सितंबर को वायरल हुआ। हालांकि पुलिस की कार्रवाई और चार आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि कई रिपोर्टों में हुई है।
मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ा दी है। अब जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी। सांसद शाम्भवी ने भी प्रशासन से पूरे मामले में सख्ती बरतने को कहा है और स्पष्ट किया है कि महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा से जुड़ी घटनाओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।