Bihar: भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। इस मामले पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश संविधान और कानून से चलेगा, न कि अवैध पिस्टल की नोक से। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि कुछ लोग इस पूरे मामले का राजनीतिक और जातीय दृष्टिकोण से विश्लेषण कर रहे हैं, जो सही नहीं है।
मांझी ने आरोप लगाया कि भरत तिवारी के एनकाउंटर को लेकर कुछ लोग उसका महिमामंडन करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि उसके आपराधिक रिकॉर्ड को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भरत तिवारी कोई क्रांतिकारी नहीं था, बल्कि उसके खिलाफ पहले भी आपराधिक मामले दर्ज हो चुके थे और उसे गिरफ्तार भी किया गया था।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि आखिर भरत तिवारी के पास अवैध पिस्टल कहां से आई और किन लोगों के संरक्षण में वह आपराधिक गतिविधियों में शामिल था। मांझी ने कहा कि इस तरह के मामलों में राजनीति नहीं होनी चाहिए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
अपने बयान में उन्होंने जातीय और धार्मिक आधार पर एनकाउंटर की व्याख्या करने वालों पर भी निशाना साधा। मांझी ने कहा कि जब किसी अन्य समुदाय के अपराधी पर कार्रवाई होती है तो उसे अलग तरीके से पेश किया जाता है, लेकिन इस मामले में अलग रवैया अपनाया जा रहा है, जो सही नहीं है।
अपने पोस्ट के अंत में उन्होंने एक शेर भी साझा किया, जिसमें उन्होंने मीडिया और विरोधियों पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि झूठ को सच बनाकर पेश करने की कोशिश की जा रही है।
इस पूरे मामले को लेकर बिहार की राजनीति में बहस तेज हो गई है। विभिन्न राजनीतिक दल और सामाजिक संगठन इस एनकाउंटर पर अलग-अलग राय रख रहे हैं, जिससे मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है।