त्योहारों पर मिठाइयों में मिलावट का बड़ा खुलासा, 2 क्विंटल मिठाई नष्ट, दो प्रतिष्ठानों पर रोक
मुजफ्फरपुर। दीपावली और छठ महापर्व से पहले बिहार में खाद्य पदार्थों में मिलावट और खराब सामग्री की बिक्री को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। मुजफ्फरपुर में शुक्रवार को चलाए गए विशेष जांच अभियान के दौरान करीब दो क्विंटल संदिग्ध मिलावटी और खराब मिठाइयां जब्त कर नष्ट किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके साथ ही खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन मिलने पर दो प्रतिष्ठानों के संचालन पर रोक लगाई गई है। इस कार्रवाई के बाद खाद्य कारोबारियों में हलचल मच गई है। विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी दुकान, होटल या मिठाई प्रतिष्ठान में मिलावटी अथवा खराब खाद्य सामग्री की बिक्री की जानकारी मिले, तो इसकी शिकायत टोल फ्री नंबर 18003456065 पर करें।
त्योहारी सीजन में मिठाइयों, खोया, पनीर, दूध, घी और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग तेजी से बढ़ जाती है। दीपावली के अवसर पर बड़ी संख्या में लोग मिठाइयां खरीदते हैं, जबकि छठ महापर्व के दौरान भी विभिन्न प्रकार की खाद्य सामग्रियों की खपत बढ़ती है। इसी बढ़ती मांग के बीच खराब गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में खाद्य सुरक्षा विभाग ने बाजारों में निरीक्षण अभियान तेज कर दिया है।
मुजफ्फरपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई के दौरान दुकानों में रखी मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच की गई। विभागीय टीम ने खाद्य सामग्री के भंडारण, साफ-सफाई, इस्तेमाल की जा रही सामग्री और निर्धारित सुरक्षा मानकों की पड़ताल की। जांच के दौरान संदिग्ध एवं अनुपयुक्त खाद्य सामग्री मिलने पर उसे जब्त कर नष्ट कराया गया, ताकि वह ग्राहकों तक नहीं पहुंच सके।
दो बड़े प्रतिष्ठानों के संचालन पर रोक
रिपोर्टों के अनुसार, मुजफ्फरपुर में जांच के दौरान एआर बेकरी हाउस और अन्न-जल मिष्ठान नामक दो प्रतिष्ठानों के संचालन पर रोक लगाने की कार्रवाई की गई। विभागीय निरीक्षण में खाद्य सुरक्षा संबंधी अनियमितताएं सामने आने के बाद यह कदम उठाया गया।
खाद्य विभाग की टीम ने संबंधित प्रतिष्ठानों में उपलब्ध खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उनके रखरखाव की स्थिति की जांच की। विभागीय कार्रवाई का उद्देश्य उपभोक्ताओं को असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकना और दुकानदारों को निर्धारित मानकों का पालन करने के लिए बाध्य करना है।
हालांकि, अलग-अलग खाद्य पदार्थों में वास्तविक रासायनिक मिलावट की पुष्टि प्रयोगशाला परीक्षण के बाद ही की जा सकती है। खराब, एक्सपायर्ड और अस्वच्छ परिस्थितियों में रखी गई सामग्री को भी खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत असुरक्षित माना जा सकता है।
नामचीन प्रतिष्ठान भी जांच के दायरे में
मिलावट और खराब खाद्य पदार्थों की बिक्री की शिकायतें केवल छोटी दुकानों तक सीमित नहीं हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग के निरीक्षण अभियान में बड़े और प्रतिष्ठित कारोबारी संस्थानों की भी जांच की जा रही है।
मुजफ्फरपुर के शर्फुद्दीनपुर चौक स्थित एआर बेकरी में निरीक्षण के दौरान कुछ पैकेटबंद खाद्य पदार्थों और पेय सामग्री में अनियमितताएं सामने आने की रिपोर्ट है। विभागीय टीम ने संबंधित सामग्री जब्त कर नष्ट कराई।
विभाग की कार्रवाई से यह संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है कि खाद्य सुरक्षा मानकों के मामले में छोटे और बड़े सभी प्रतिष्ठानों की जिम्मेदारी समान है। किसी भी प्रतिष्ठान की लोकप्रियता या बाजार में उसकी पहचान उसे नियमों के पालन से छूट नहीं देती।
त्योहारों में क्यों बढ़ जाता है मिलावट का खतरा?
दीपावली और छठ जैसे बड़े त्योहारों के दौरान मिठाई दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ बढ़ जाती है। ऐसे समय में कई दुकानदार पहले से बड़ी मात्रा में मिठाइयां तैयार करके रखते हैं।
दूध, खोया और छेना से बनी मिठाइयां अधिक समय तक असुरक्षित तापमान पर रखने से खराब हो सकती हैं। पर्याप्त साफ-सफाई और उचित भंडारण की व्यवस्था नहीं होने पर इनकी गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा रहता है।
कुछ मामलों में घटिया कच्ची सामग्री, अनधिकृत रंगों और अन्य पदार्थों के इस्तेमाल से भी खाद्य सुरक्षा संबंधी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। हालांकि, हर खराब मिठाई में जानबूझकर मिलावट की गई हो, यह आवश्यक नहीं है।
खराब मिठाई खाने से सेहत को खतरा
असुरक्षित मिठाई और दूषित खाद्य पदार्थ खाने से लोगों को उल्टी, दस्त, पेट दर्द और फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं। विशेष रूप से छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को अधिक परेशानी हो सकती है।
खराब दूध या खोया से बनी मिठाइयों में अनुचित भंडारण के कारण हानिकारक सूक्ष्मजीव पनप सकते हैं। इसलिए खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के साथ उन्हें सुरक्षित तापमान पर रखना भी आवश्यक है।
मिठाई खरीदते समय उपभोक्ताओं को दुकान की साफ-सफाई, मिठाइयों की स्थिति और पैकेटबंद खाद्य पदार्थों की अंतिम उपयोग तिथि की जांच करनी चाहिए। असामान्य गंध, फफूंदी या खराब होने के अन्य संकेत दिखाई देने पर ऐसी सामग्री नहीं खरीदनी चाहिए।
पूरे प्रदेश में चल रहा विशेष अभियान
बिहार में खाद्य सुरक्षा विभाग ने त्योहारों को देखते हुए विभिन्न जिलों में जांच अभियान चलाया है। इस दौरान होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई दुकान, डेयरी और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जा रहा है।
हालिया विभागीय अभियान में प्रदेशभर के 531 खाद्य प्रतिष्ठानों के निरीक्षण की जानकारी सामने आई है। मुजफ्फरपुर सहित कई जिलों में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और भंडारण संबंधी व्यवस्थाओं की जांच की गई है। विभाग ने असुरक्षित सामग्री को नष्ट कराने के साथ संबंधित प्रतिष्ठानों को सुधार के निर्देश भी दिए हैं।
विभाग की ओर से खाद्य कारोबारियों को स्वच्छता बनाए रखने, निर्धारित खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करने और ग्राहकों को सुरक्षित सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
इस नंबर पर करें मिलावट की शिकायत
खाद्य सुरक्षा विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि वे मिलावटी या खराब खाद्य पदार्थों की बिक्री को लेकर सतर्क रहें। किसी दुकान में संदिग्ध खाद्य सामग्री मिलने पर ग्राहक टोल फ्री नंबर 18003456065 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
शिकायत करते समय संबंधित प्रतिष्ठान का नाम, स्थान, खरीदी गई सामग्री और उपलब्ध बिल जैसी जानकारी देना उपयोगी हो सकता है। इससे संबंधित विभाग को मामले की जांच करने में सहायता मिल सकती है।
त्योहारी सीजन में उपभोक्ताओं की जागरूकता भी खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। केवल मिठाई की चमक, रंग या दुकान की प्रसिद्धि देखकर उसकी गुणवत्ता का अनुमान नहीं लगाया जा सकता।
फिलहाल मुजफ्फरपुर में दो क्विंटल मिठाई नष्ट किए जाने और दो प्रतिष्ठानों पर रोक की कार्रवाई के बाद खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विभाग ने साफ किया है कि लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए निरीक्षण अभियान जारी रहेगा।