DARBHANGA दरभंगा। बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद शराबखोरी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा घटना दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान प्रखंड की है, जहां मनरेगा कार्यालय में शराब पार्टी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मंगलवार देर रात कुशेश्वरस्थान थाना पुलिस ने छापेमारी कर कार्यालय परिसर से चार लोगों को नशे की हालत में गिरफ्तार किया। गिरफ्तार लोगों में मनरेगा कर्मी सवेरा कुमार भी शामिल हैं। वहीं, कई लोग पुलिस को देखकर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने बताया कि शराब पार्टी की सूचना मिलने के बाद तत्काल टीम गठित कर छापेमारी की गई। मौके पर शराब की बोतलें और अन्य सामान बरामद किए गए हैं। पकड़े गए सभी आरोपियों पर बिहार शराबबंदी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, देर रात सरकारी दफ्तर के अंदर हो रही हलचल को देखकर शक हुआ था। ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद यह कार्रवाई संभव हो सकी। इस घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। बिहार सरकार ने शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू किया है और पुलिस समय-समय पर इसके उल्लंघन पर छापेमारी करती रही है। लेकिन इस घटना ने सरकारी कार्यालयों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर जिस कार्यालय में ग्रामीण विकास और मनरेगा जैसी योजनाएं संचालित होती हैं, वहां इस तरह की गतिविधि ने प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्न खड़े किए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपियों की पहचान की जा रही है और उन्हें भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। मामले की पूरी जांच चल रही है। ग्रामीणों का मानना है कि सरकारी कार्यालयों में इस तरह की घटनाएं लोगों के भरोसे को तोड़ती हैं और प्रशासन की छवि धूमिल करती हैं। वहीं, विपक्ष ने भी इस घटना को लेकर सरकार पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।
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