नगर परिषद भभुआ के क्षेत्र को साफ स्वच्छ और सुंदर बनाने को लेकर सिर्फ कूड़ा उठाव में 15 लख रुपए प्रति माह खर्च किए जाते हैं. इतनी राशि सफाई पर खर्च करने के बाद भी शहर की हालात बदहाल है. गली, मोहल्ले, चौक, चौराहा हर जगह कूड़े का अंबार लगा हुआ है . वार्ड पार्षद लगातार इसकी शिकायत कार्यपालक पदाधिकारी से करते हैं, लेकिन कार्यपालक पदाधिकारी द्वारा इस पर संज्ञान नहीं लेने से सफाई एजेंसी मनमाने तरीके से जैसे-तैसे कार्य करती है. जिससे आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है. जहां भी कूड़ा का जमाव लगा हुआ है, वहां दुर्गंध से लोगों का चलना मुश्किल हो रहा है. इससे लोगों को भी काफी परेशानी हो रही है. वहीं, शहर की बात करें तो वहां सुबह और शाम दोनों समय कूड़े का उठाव करना है. इसके बावजूद सफाई एजेंसी द्वारा मनमाने तरीके से काम किया जा रहा है. जिसकी वजह से नगर परिषद भभुआ को गंदगी की मार झेलनी पड़ रही है.
 बिहार के भभुआ में सफाई पर लाखों रुपये खर्च, फिर भी जगह-जगह लगा कूड़े का अंबार

शहर के चारों तरफ पसरा गंदगी
इतना ही नहीं सफाई एजेंसियों की मनमानी ईस कदर की भभुआ शहर में ही सड़क के किनारे ही कचरे को डंप कर दिया जा रहा है. कार्यपालक पदाधिकारी द्वारा इन पर कार्रवाई नहीं करने से राशि की बंदर बांट हो जा रही है. नगर प्रसाद भभुआ के वार्ड 14 के पार्षद परमानंद और वार्ड 24 के पार्षद बताते हैं कि शहर में 15 लाख रुपए की लागत से कूड़ा उठाव किया जाना है, लेकिन सफाई एजेंसी और कार्यपालक पदाधिकारी के मिली भगत से यह उठाओ डोर टू डोर हो नहीं पता. जिससे पूरे शहर में कचरा पसरा हुआ है. सफाई पर अच्छी खासी रुपए खर्च की जाती है.
राशि का किया जा रहा दुरुपयोग
सफाई और कूड़ा उठाव दिन के साथ-साथ शहर व वार्डों में रात में भी सफाई करनी है, लेकिन सफाई एजेंसी साफ नहीं करती. चारों तरफ कचरा पसरा है, हम लोग इसकी कई बार शिकायत कार्य पालक पदाधिकारी को किया, लेकिन उनके द्वारा कोई कार्रवाई नहीं किया जाता है. आवेदन देने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है. पूरी तरह से राशि का दुरुपयोग किया जा रहा. नगर परिषद भभुआ के कार्यपालक पदाधिकारी दिनेश दयाल लाल बताते हैं 15 लाख रुपए प्रतिमाह साफ सफाई पर खर्च होता है
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