लखीसराय। स्थानीय प्रभात चौक स्थित होटल भारती के सभागार में रामबालक सिंह उपाध्यक्ष की अध्यक्षता में जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन द्वारा कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया। संचालन जिला सचिव देवेंद्र सिंह आजाद ने किया। इस काव्य गोष्ठी में सभी कवि और साहित्यकारों ने अपनी अपनी रचनाओं से देश और समाज के बारे में अपनी चिंता प्रकट की । कवि राजकुमार की रचना- रोशनी का एक सहारा ढूंढता हूं । बलजीत कुमार की -आज मेरी दृष्टि जहां नजर जाती है, इंसान कम और गिद्ध ज्यादा नजर आते हैं। राजेंद्र राज की रचना -आप तो आजमाते रहे ,हम उसूलें निभाते रहे। राम बालक सिंह की रचना फागुन के अइले बाहर, बलम संग खेलब होली। जीवन पासवान की रचना कण-कण में समाया धर्म मेरा, संस्कृति हमारी।राजेश्वरी प्रसाद सिंह की रचना चुनाव का मौसम है धनबल की है बहारें।
भोला पंडित की रचना बेटी महान होती है जरा गौर कीजिए ।देवेंद्र आजाद की रचना कभी चाह नहीं रहा कि मुझे अनंत मिले। भगवान राही की रचना करने वालों की सूची कहां है जिसमें मेरा नाम नहीं है। जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन द्वारा प्रकाशित पत्रिका नवल कंठ के बारे में अरविंद कुमार भारती प्रधान संपादक ने बताया कि उसका शीघ्र ही प्रकाशन किया जाएगा।