पटना। बिहार की राजनीति में मोकामा के विधायक अनंत सिंह और उनके परिवार की मुश्किलें लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) से निष्कासन और पत्नी नीलम देवी का राज्यमंत्री का दर्जा समाप्त किए जाने के बाद अब बिहार सरकार ने उन्हें सरकारी बंगला खाली करने का नोटिस जारी किया है। भवन निर्माण विभाग ने पटना के 1, मॉल रोड स्थित सरकारी आवास को खाली करने के लिए 25 नवंबर 2026 तक की समयसीमा दी है। इस घटनाक्रम को अनंत सिंह परिवार के खिलाफ लगातार हो रही कार्रवाई के अगले कदम के रूप में देखा जा रहा है।
नीलम देवी के नाम पर आवंटित इस बंगले में अनंत सिंह और उनका परिवार रह रहा है। राज्यमंत्री का दर्जा समाप्त होने के बाद सरकारी आवास पर उनका अधिकार भी प्रभावित हुआ है। ऐसे में परिवार को निर्धारित समयसीमा के भीतर आवास खाली करना पड़ सकता है।
जदयू से निष्कासन के बाद बढ़ीं मुश्किलें
अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को जदयू ने छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने 24 अक्टूबर को इसकी घोषणा की थी।जदयू ने दोनों पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने और संगठन के निर्देशों की अवहेलना करने का आरोप लगाया। पार्टी के अनुसार, हालिया बिहार विधान परिषद चुनाव के दौरान अनंत सिंह ने जदयू के आधिकारिक उम्मीदवार नीरज कुमार के बजाय जन सुराज समर्थित उम्मीदवार अनुज सिंह का समर्थन किया था।इस घटनाक्रम को पार्टी नेतृत्व ने अनुशासनहीनता माना। इसके बाद अनंत सिंह और नीलम देवी की प्राथमिक सदस्यता समाप्त करने का निर्णय लिया गया।पहले छीना गया राज्यमंत्री का दर्जा
पार्टी से निष्कासन के बाद नीलम देवी के खिलाफ भी प्रशासनिक कार्रवाई हुई। उन्हें राज्य स्तरीय 20 सूत्री कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति के सदस्य पद से हटा दिया गया। इसी पद के आधार पर उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त था।समिति से हटाए जाने के साथ ही उनका यह दर्जा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया। अब सरकारी आवास खाली करने का नोटिस मिलने से उनके परिवार पर एक और दबाव बढ़ गया है।यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब अनंत सिंह की राजनीतिक स्थिति और विधानसभा सदस्यता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
25 नवंबर तक खाली करना होगा बंगला
बिहार सरकार के भवन निर्माण विभाग ने नीलम देवी को पटना स्थित सरकारी आवास खाली करने का नोटिस दिया है। यह बंगला 1, मॉल रोड पर स्थित है।नोटिस के अनुसार, उन्हें 25 नवंबर 2026 तक आवास खाली करना होगा। यह समयसीमा पूरी होने के बाद सरकारी आवास के संबंध में आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जा सकती है।बंगला खाली करने का नोटिस मिलने के बाद अब यह सवाल भी उठ रहा है कि अनंत सिंह और उनका परिवार आगे कहां रहेगा। हालांकि, परिवार की ओर से किसी वैकल्पिक आवास या इस आदेश पर प्रतिक्रिया की पुष्टि नहीं हुई है।
अनंत सिंह की विधायकी पर भी संकट
अनंत सिंह की मुश्किलें केवल पार्टी और सरकारी आवास तक सीमित नहीं हैं। जदयू ने बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार से अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता के संबंध में कार्रवाई शुरू करने की अनुशंसा की है।
पार्टी ने संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत उनकी सदस्यता समाप्त करने की मांग की है। इसके लिए पार्टी की ओर से संबंधित दस्तावेज और वीडियो साक्ष्य भी सौंपे जाने की जानकारी सामने आई है।हालांकि, जदयू की अनुशंसा से अनंत सिंह की विधायकी अपने आप समाप्त नहीं होती। इस मामले में विधानसभा अध्यक्ष को संबंधित दस्तावेजों और कानूनी प्रावधानों की समीक्षा के बाद निर्णय लेना होगा।फिलहाल उनकी विधानसभा सदस्यता पर अंतिम फैसला नहीं आया है।
विधान परिषद चुनाव बना विवाद की मुख्य वजह
अनंत सिंह और जदयू नेतृत्व के बीच विवाद की प्रमुख वजह विधान परिषद चुनाव को माना जा रहा है। पार्टी का आरोप है कि अनंत सिंह ने जदयू के आधिकारिक उम्मीदवार नीरज कुमार के खिलाफ प्रचार किया और दूसरे उम्मीदवार का समर्थन किया।
इससे पहले भी दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक मतभेद की चर्चा होती रही थी। हालिया घटनाक्रम के बाद यह विवाद खुलकर सामने आ गया।जदयू ने अपने फैसले के जरिए पार्टी अनुशासन को लेकर सख्त संदेश देने की कोशिश की है। वहीं, अनंत सिंह की राजनीतिक स्थिति को लेकर बिहार के सियासी गलियारों में चर्चा तेज है।नीलम देवी को क्यों मिला था राज्यमंत्री का दर्जा?
नीलम देवी मोकामा की पूर्व विधायक हैं। वर्ष 2024 में बिहार विधानसभा में विश्वास मत के दौरान उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल के बजाय एनडीए सरकार के पक्ष में मतदान किया था।इसके बाद उन्हें 20 सूत्री कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति में जगह मिली थी और राज्यमंत्री का दर्जा प्रदान किया गया था।अब समिति की सदस्यता समाप्त होने के बाद उनका यह दर्जा भी वापस ले लिया गया है। इसके बाद सरकारी आवास खाली करने का नोटिस जारी हुआ है।
क्या होगा अनंत सिंह परिवार का अगला कदम?
नीलम देवी को बंगला खाली करने के लिए 25 नवंबर तक का समय दिया गया है। ऐसे में आने वाले दिनों में परिवार का अगला कदम महत्वपूर्ण होगा।वहीं, अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता पर निर्णय की प्रक्रिया भी राजनीतिक रूप से अहम बनी हुई है। यदि विधानसभा अध्यक्ष इस मामले में कार्रवाई करते हैं, तो इसका असर मोकामा की राजनीति पर भी पड़ सकता है।फिलहाल बंगला खाली करने के नोटिस, राज्यमंत्री का दर्जा समाप्त होने और जदयू से निष्कासन के बाद अनंत सिंह परिवार के सामने कई चुनौतियां हैं।