दुर्गा पूजा के बीच ताबड़तोड़ फायरिंग, दरोगा के दो बेटों को मारी गोली, छोटे की मौत
गया। बिहार के गया जिले में दुर्गा पूजा के दौरान सोमवार, 19 अक्टूबर की देर रात अपराधियों ने सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया। मानपुर के मुफस्सिल थाना क्षेत्र में नौरंगा आहार के पास सिद्धार्थपुरी मोहल्ले के निकट बदमाशों ने एक पुलिस अधिकारी के दो बेटों को गोली मार दी। इस गोलीबारी में छोटे बेटे रानू सिंह (30) की मौत हो गई, जबकि बड़े बेटे मोनू सिंह (32) गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल मोनू का अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में इलाज चल रहा है। मृतक के पिता सुधांशु शेखर उर्फ पिंटू सिंह मोतिहारी में सब इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। बताया जा रहा है कि परिवार में एक अन्य सदस्य भी भागलपुर में पुलिस विभाग में कार्यरत है। दुर्गा पूजा के उत्साह के बीच हुई इस वारदात से इलाके में दहशत फैल गई। पुलिस ने घटनास्थल से गोली के खोखे बरामद कर जांच शुरू कर दी है।
नवमी की रात गोलियों की आवाज से दहला इलाका
जानकारी के अनुसार, घटना सोमवार देर रात की है। दुर्गा पूजा की महानवमी के अवसर पर मानपुर और आसपास के इलाकों में उत्सव का माहौल था। इसी दौरान मुफस्सिल थाना क्षेत्र के सिद्धार्थपुरी मोहल्ले के पास अचानक गोलीबारी शुरू हो गई।
अपराधियों ने सुधांशु शेखर के दोनों बेटों रानू सिंह और मोनू सिंह को निशाना बनाकर फायरिंग की। गोली लगने से दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।
गोलियों की आवाज सुनकर आसपास के लोग घटनास्थल की ओर दौड़े। घटना के बाद इलाके में अफरातफरी मच गई।
स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से दोनों भाइयों को अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, छोटे भाई रानू सिंह की जान नहीं बचाई जा सकी।
छोटे बेटे रानू सिंह की मौत, बड़ा भाई अस्पताल में भर्ती
गोलीबारी में 30 वर्षीय रानू सिंह की मौत हो गई। वहीं, उनके बड़े भाई 32 वर्षीय मोनू सिंह की हालत गंभीर बताई जा रही है।
मोनू सिंह को उपचार के लिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज जारी है। परिवार के सदस्य भी उनकी स्थिति को लेकर चिंतित हैं।
एक ही परिवार के दो बेटों को गोली लगने और उनमें से एक की मौत हो जाने से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
घटना के बाद परिवार के अन्य सदस्य भी अस्पताल पहुंचे। रानू की मौत से परिवार में मातम का माहौल है।
विवाद के बाद फोन करके बुलाने की बात आई सामने
मामले में एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। परिजनों के अनुसार, वारदात से पहले मोहल्ले से कुछ दूरी पर किसी व्यक्ति के साथ विवाद हुआ था।
इसके बाद दोनों भाइयों को फोन करके घटनास्थल पर बुलाया गया। आरोप है कि जब रानू और मोनू वहां पहुंचे तो बदमाशों ने उन पर गोलीबारी शुरू कर दी।
हालांकि, विवाद किस बात को लेकर हुआ था और फोन किसने किया था, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि घटना अचानक हुए विवाद का परिणाम थी या हमलावरों ने पहले से योजना बनाकर दोनों भाइयों को बुलाया था।
जुआ और शराब के अड्डे पर विवाद की आशंका
स्थानीय स्तर पर इस हत्याकांड को जुआ और शराब से जुड़े विवाद से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
बताया जा रहा है कि नौरंगा आहार के आसपास कथित तौर पर जुआ खेलने और शराब पीने की गतिविधियां होती थीं।
आशंका जताई जा रही है कि इसी दौरान हुए किसी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और आरोपियों ने फायरिंग कर दी।
हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है कि हत्या का संबंध जुआ या शराब से जुड़े विवाद से था।
पुलिस के लिए यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि वारदात के समय घटनास्थल पर कौन-कौन लोग मौजूद थे और विवाद की शुरुआत कैसे हुई।
मोतिहारी में दरोगा के पद पर तैनात हैं पिता
मृतक रानू सिंह और घायल मोनू सिंह के पिता सुधांशु शेखर उर्फ पिंटू सिंह बिहार पुलिस में सब इंस्पेक्टर हैं।
वर्तमान में उनकी तैनाती मोतिहारी में बताई जा रही है। परिवार मूल रूप से गया जिले के अतरी थाना क्षेत्र के जेठियन गांव का निवासी है।
हालांकि, पिछले कुछ वर्षों से परिवार मानपुर के सिद्धार्थपुरी कॉलोनी रोड नंबर एक में रह रहा है।
परिवार के दो बेटों पर हुए हमले ने स्थानीय लोगों को भी स्तब्ध कर दिया है।
घटनास्थल से तीन खोखे बरामद
गोलीबारी की सूचना मिलने के बाद मुफस्सिल थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की।
प्रारंभिक जांच में घटनास्थल से तीन खोखे बरामद होने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपियों ने कितनी गोलियां चलाईं और वारदात में किस हथियार का इस्तेमाल किया गया।
इसके अलावा आसपास मौजूद लोगों से भी घटना के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।
जांच में घटनास्थल से मिले साक्ष्य और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।
दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ
मंगलवार को सामने आई जानकारी के अनुसार, पुलिस ने मामले में दो संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिया है।
दोनों से पूछताछ की जा रही है, ताकि गोलीबारी के वास्तविक कारणों और घटना में शामिल लोगों की भूमिका का पता लगाया जा सके।
हालांकि, हिरासत में लिए गए लोगों की संलिप्तता की अंतिम पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस अन्य संभावित आरोपियों की पहचान करने का भी प्रयास कर रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दुर्गा पूजा के दौरान वारदात से दहशत
दुर्गा पूजा जैसे बड़े धार्मिक उत्सव के दौरान हुई इस घटना से मानपुर क्षेत्र के लोगों में चिंता बढ़ गई है।
महानवमी के अवसर पर विभिन्न स्थानों पर पूजा-अर्चना और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे थे।
इसी बीच गोलीबारी में एक युवक की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की घटना ने उत्सव के माहौल को प्रभावित कर दिया।
स्थानीय लोग घटना के कारणों को लेकर चर्चा कर रहे हैं। साथ ही आरोपियों की जल्द पहचान और कार्रवाई की अपेक्षा भी जताई जा रही है।
कानून-व्यवस्था को लेकर उठे सवाल
दरोगा के दो बेटों पर गोलीबारी की घटना ने स्थानीय स्तर पर कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।
विशेष रूप से त्योहारों के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है।
इस तरह की घटनाएं आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाती हैं।
घटना के पीछे यदि किसी पुराने विवाद या अवैध गतिविधि से जुड़े कारण की पुष्टि होती है, तो संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की भी विस्तृत जांच आवश्यक होगी।
हत्या के कारणों की जांच में जुटी पुलिस
फिलहाल पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती गोलीबारी के वास्तविक कारणों का पता लगाना और इसमें शामिल सभी आरोपियों की पहचान करना है।
परिजनों के बयान, मोबाइल फोन से संबंधित जानकारी, घटनास्थल से मिले खोखे और अन्य साक्ष्य जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि दोनों भाइयों को घटनास्थल पर किसने बुलाया और विवाद किस वजह से शुरू हुआ।
मामले में जुआ और शराब से जुड़े विवाद की आशंका सामने आई है, लेकिन इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
एक बेटे की मौत से परिवार में मातम
गया के मानपुर में हुई इस घटना के बाद सुधांशु शेखर के परिवार में शोक का माहौल है।
छोटे बेटे रानू सिंह की मौत हो चुकी है, जबकि बड़े बेटे मोनू सिंह का अस्पताल में इलाज जारी है।
परिवार को अब मोनू के स्वास्थ्य में सुधार की उम्मीद है। दूसरी ओर, पुलिस आरोपियों की पहचान और घटना के पीछे के कारणों की जांच में जुटी है।
दुर्गा पूजा के दौरान हुई इस गोलीबारी ने पूरे इलाके में चिंता पैदा कर दी है। मामले की विस्तृत जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि अपराधियों ने किन परिस्थितियों में दोनों भाइयों को निशाना बनाया।