पूर्णिया में 25 लाख का नशा जब्त, 12 हजार कफ सिरप बोतलों के साथ दो गिरफ्तार
पूर्णिया में नशे का खेल बेनकाब, 12 हजार बोतलें जब्त
पूर्णिया: जिले में नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है। यहां करीब 25 लाख रुपये कीमत की कफ सिरप की बड़ी खेप जब्त की गई है। कार्रवाई के दौरान करीब 12 हजार कफ सिरप की बोतलें बरामद की गईं, जबकि अररिया के रहने वाले दो कथित तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। इतनी बड़ी मात्रा में कफ सिरप मिलने के बाद मामले को गंभीर मानते हुए पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।
बताया जा रहा है कि बरामद कफ सिरप का इस्तेमाल नशे के लिए किए जाने की आशंका है। बड़ी मात्रा में बोतलों की बरामदगी ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर इतनी बड़ी खेप कहां से लाई गई थी और इसे कहां पहुंचाया जाना था। जांच में आरोपियों से इन सवालों के जवाब जानने की कोशिश की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
करीब 12 हजार बोतलों की बरामदगी को बड़ी सफलता माना जा रहा है। जब्त खेप की अनुमानित कीमत करीब 25 लाख रुपये बताई गई है। कार्रवाई में पकड़े गए दोनों आरोपी अररिया के रहने वाले बताए जा रहे हैं। ऐसे में जांच का दायरा पूर्णिया के साथ आसपास के जिलों तक भी बढ़ सकता है। अधिकारियों की नजर अब इस बात पर है कि कफ सिरप की यह खेप किसी बड़े सप्लाई नेटवर्क का हिस्सा तो नहीं थी।
कफ सिरप का चिकित्सकीय इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह के अनुसार किया जाता है, लेकिन कुछ दवाओं का गलत तरीके से नशे के लिए इस्तेमाल किए जाने के मामले भी सामने आते रहे हैं। इसी कारण बड़ी मात्रा में संदिग्ध दवाओं की आवाजाही पर निगरानी महत्वपूर्ण मानी जाती है। बिना वैध दस्तावेज या निर्धारित नियमों के बड़ी मात्रा में ऐसी दवाओं का परिवहन जांच के दायरे में आता है।
इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर सप्लाई चेन से जुड़े लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। जांच में यह पता लगाना भी अहम होगा कि जब्त बोतलें किस स्रोत से खरीदी गई थीं, इनके लिए जरूरी दस्तावेज मौजूद थे या नहीं और इन्हें किस व्यक्ति या स्थान तक पहुंचाया जाना था। यदि किसी बड़े गिरोह से इनके तार जुड़े पाए जाते हैं तो आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
नशे के अवैध कारोबार में दवाओं के दुरुपयोग को रोकना प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। खासकर युवाओं तक नशीली दवाओं की पहुंच रोकने के लिए सप्लाई नेटवर्क पर लगातार कार्रवाई जरूरी मानी जाती है। इस तरह की खेप पकड़े जाने से यह संकेत भी मिलता है कि तस्कर सामान्य दवाओं की आड़ में अवैध कारोबार चलाने की कोशिश कर सकते हैं। फिलहाल करीब 25 लाख रुपये कीमत की 12 हजार कफ सिरप बोतलों की बरामदगी और अररिया के दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पूरे मामले की जांच जारी है। अधिकारियों का फोकस अब इस खेप के स्रोत, उसके खरीदारों और संभावित नेटवर्क का पता लगाने पर है। जांच पूरी होने के बाद यह साफ हो सकेगा कि इस तस्करी के तार कितने बड़े नेटवर्क से जुड़े हुए थे।