रोहतास: बिहार के रोहतास जिले के कोचस बाजार में दिनदहाड़े ज्वेलरी दुकान में हुई लूट के बाद पुलिस अधीक्षक ने गश्ती दल के खिलाफ कार्रवाई की है। एसपी राज ने कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही के आरोप में एक दारोगा और दो सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। बुधवार, 28 अक्टूबर की देर रात की गई इस कार्रवाई में घटना के समय दिवा गश्ती पर तैनात पुलिसकर्मियों की जवाबदेही तय की गई है। चार अपराधियों ने दुकान में घुसकर आभूषण और नकदी लूट ली थी। शुरुआती खबरों में लगभग तीन करोड़ रुपये के नुकसान की बात सामने आई है। हालांकि लूटे गए सामान की वास्तविक कीमत का अंतिम आधिकारिक आकलन उपलब्ध रिपोर्टों में स्पष्ट नहीं है। 
इन तीन पुलिसकर्मियों पर हुई कार्रवाई
निलंबित पुलिसकर्मियों में पुलिस अवर निरीक्षक बुधन सिंह चम्पीया, सिपाही सोनू कुमार और महिला सिपाही संगीता कुमारी शामिल हैं। निलंबन अवधि में तीनों का मुख्यालय पुलिस केंद्र, डेहरी निर्धारित किया गया है। इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। एसपी के हवाले से प्रकाशित विवरण के अनुसार, घटना के समय संबंधित गश्ती दल इलाके में तैनात था। इसके बावजूद अपराधियों द्वारा लूट की वारदात को अंजाम दिए जाने को कर्तव्य निर्वहन में गंभीर लापरवाही माना गया। कार्रवाई इसी आधार पर की गई है। उपलब्ध जानकारी में पुलिसकर्मियों की अपराधियों से मिलीभगत का कोई पुष्ट आरोप सामने नहीं आया है। 
दोपहर में हथियार लेकर दुकान में घुसे अपराधी
पुलिस के अनुसार, 27 अक्टूबर को दोपहर करीब 1 बजकर 55 मिनट पर चार अज्ञात अपराधियों ने न्यू कंचन ज्वेलर्स को निशाना बनाया। उन्होंने हथियार का भय दिखाकर सोने-चांदी के आभूषण लूट लिए। घटना के बाद अपराधी मौके से फरार हो गए। दुकान महात्मा गांधी चौक के समीप सासाराम-चौसा मार्ग पर है। कारोबारी अविनाश कुमार वर्मा के हवाले से प्रकाशित रिपोर्ट में बताया गया कि नकाबपोश अपराधियों ने दुकान में मौजूद लोगों को हथियार के बल पर बंधक बनाया। इसके बाद कीमती जेवरात समेटकर भाग निकले। दुकान से थाने की दूरी करीब 500 मीटर बताई गई है। 
डीवीआर और मोबाइल भी ले गए लुटेरे
हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, अपराधी दुकान के सीसीटीवी का डीवीआर और मोबाइल फोन भी साथ ले गए। रिपोर्ट में लगभग तीन करोड़ रुपये के आभूषण और करीब दो लाख रुपये नकद लूटे जाने का शुरुआती विवरण दिया गया है। दुकान मालिक के छोटे भाई के हाथ बांधे जाने की जानकारी भी सामने आई है। लूट की रकम संबंधी अलग-अलग शुरुआती विवरणों के कारण नुकसान की अंतिम राशि स्पष्ट होना बाकी है। आभूषणों की सूची, उनका वजन और दुकान के रिकॉर्ड इस आकलन में महत्वपूर्ण होंगे। फिलहाल शुरुआती अनुमान को अंतिम बरामदगी या सत्यापित नुकसान के आंकड़े के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।
एसपी पहुंचे मौके पर, आसपास के कैमरों की जांच
लूट की सूचना मिलने पर एसपी राज घटनास्थल पर पहुंचे और दुकानदार से जानकारी ली। सदर एसडीपीओ और कोचस थानाध्यक्ष ने भी मौके पर पूछताछ की। घटना के बाद सीमावर्ती थानों को अलर्ट किया गया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने की कार्रवाई शुरू हुई। दुकान का डीवीआर ले जाने की जानकारी के बीच आसपास के प्रतिष्ठानों और रास्तों की रिकॉर्डिंग जांच में उपयोगी हो सकती है। हालांकि किन कैमरों से क्या सुराग मिला है, इसका विस्तृत खुलासा उपलब्ध समाचारों में नहीं किया गया है।
इसी दुकान में पहले भी हुई थी बड़ी चोरी
कंचन ज्वेलर्स में यह पहली बड़ी आपराधिक घटना नहीं है। प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, 25 अगस्त 2025 की रात अपराधियों ने दुकान का शटर काटकर आभूषण चोरी किए थे। उस समय लगभग 5.20 करोड़ रुपये के नुकसान का दावा सामने आया था। अब दोबारा उसी प्रतिष्ठान को निशाना बनाए जाने से कारोबारियों की चिंता बढ़ी है। पुरानी चोरी और नई लूट के बीच किसी आरोपी या गिरोह का संबंध स्थापित होने की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए दोनों मामलों को एक ही समूह की कार्रवाई मानना अभी उचित नहीं होगा। नई घटना की जांच में अपराधियों की पहचान और उनकी भूमिका स्पष्ट होनी बाकी है।
निलंबन के बाद अब गिरफ्तारी और बरामदगी पर नजर
गश्ती दल के तीन पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई के बाद मामले में विभागीय जवाबदेही का पहलू सामने आया है। वहीं लूट की आपराधिक जांच का उद्देश्य वारदात में शामिल लोगों तक पहुंचना और आभूषण तथा नकदी बरामद करना है। दोनों प्रक्रियाओं के निष्कर्ष अलग-अलग होंगे। पीड़ित कारोबारी के लिए अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल लूटे गए सामान की वापसी और आरोपियों की गिरफ्तारी है। उपलब्ध रिपोर्टों में इस नई वारदात में किसी गिरफ्तारी या बरामदगी की पुष्ट जानकारी नहीं दी गई है। आगे की पुलिस कार्रवाई से घटना के पूरे घटनाक्रम और नुकसान की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
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