Bihar : उद्योग स्थापना की सभी स्वीकृतियां अब 30 दिन में मिलने की प्रक्रिया शुरू

Update: 2026-06-09 11:36 GMT

Bihar बिहार: बिहार में उद्योग स्थापित करने के इच्छुक निवेशकों को अब सभी प्रकार की स्वीकृतियां केवल एक महीने के भीतर मिल जाएंगी। राज्य निवेश प्रोत्साहन परिषद (SIPB) सचिवालय को इस प्रक्रिया के लिए एकल नोडल एजेंसी के रूप में प्राधिकृत किया गया है। इस कदम का मकसद निवेश प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाना और राज्य में औद्योगिक विकास को तेजी देना है।

SIPB को बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन अधिनियम, 2016 के अंतर्गत व्यापक प्रशासनिक और विधिक शक्तियां प्रदान की गई हैं। इसके तहत अब किसी भी उद्योग की स्थापना से संबंधित आवेदन पर तकनीकी जांच और अनुशंसा करने के बाद संबंधित सक्षम प्राधिकरण को 30 दिनों के भीतर या निर्धारित समय-सीमा में स्वीकृति जारी करना अनिवार्य होगा।

यदि किसी कारण से निर्धारित समय में स्वीकृति जारी नहीं होती है, तो SIPB को “डीम्ड क्लीयरेंस” देने का अधिकार भी मिलेगा। इसका मतलब है कि समय सीमा के भीतर स्वीकृति न मिलने पर निवेशक की स्वीकृति को स्वचालित रूप से मान्यता प्राप्त मानी जाएगी। इससे उद्योगपतियों को लंबी प्रतीक्षा और प्रशासनिक जटिलताओं से राहत मिलेगी।

राज्य सरकार का कहना है कि यह कदम बिहार में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने और रोजगार सृजन में मदद करने के लिए उठाया गया है। SIPB सचिवालय अब निवेशकों के लिए उद्योग स्थापना प्रक्रिया का मुख्य संपर्क बिंदु बनेगा। सभी स्वीकृतियां, चाहे वह भूमि से संबंधित हों, पर्यावरण अनुमति हों, या अन्य किसी विभागीय मंजूरी, अब SIPB के माध्यम से केंद्रीकृत तरीके से दी जाएंगी।

SIPB सचिवालय के अधिकारी ने बताया कि निवेशकों के आवेदन को तकनीकी रूप से जांचने के बाद ही संबंधित विभाग को भेजा जाएगा। विभाग को 30 दिनों के भीतर स्वीकृति देना अनिवार्य होगा। यदि समय सीमा का उल्लंघन होता है, तो SIPB स्वतः ही डीम्ड क्लीयरेंस जारी करेगा। इसके साथ ही अधिकारियों ने निवेशकों से कहा है कि वे सभी आवश्यक दस्तावेज समय पर जमा करें ताकि प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न आए।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस नए नियम से बिहार में औद्योगिक परियोजनाओं के लिए प्रतीक्षा अवधि घटेगी और निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा। निवेशकों को अब लंबी प्रशासनिक प्रक्रियाओं के कारण होने वाली देरी और अनिश्चितता से निजात मिलेगी।

राज्य सरकार की योजना के अनुसार, SIPB सचिवालय में एक विशेष टीम निवेशकों की सहायता करेगी और उद्योग स्थापना प्रक्रिया को ट्रैक करने में मदद करेगी। निवेशकों को यह भी सुविधा मिलेगी कि वे ऑनलाइन आवेदन की स्थिति और स्वीकृति की प्रगति की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

इस नई प्रक्रिया से बिहार में औद्योगिक निवेश को गति मिलने की उम्मीद है। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि यह कदम निवेशकों के लिए आकर्षक माहौल तैयार करे और राज्य में औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन में तेजी लाए।

सारांश में, बिहार अब उद्योग स्थापना के क्षेत्र में पारदर्शी और समयबद्ध नीति अपनाने वाला राज्य बन गया है। SIPB की केंद्रीकृत प्रक्रिया और 30 दिनों की समय सीमा निवेशकों के लिए बड़ी राहत साबित होगी और राज्य की आर्थिक प्रगति में योगदान देगी।

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