बिहार : शवों को सुरक्षित रखने को लगेंगे मॉर्चुरी चेंबर
सर्जन ने राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक को लिखा पत्र
जनता से रिश्ता वेबडेस्क : सदर अस्पताल में शवों को सुरक्षित रखने के लिए मॉर्चुरी चेंबर लगाये जायेंगे। इसके लिए सिविल सर्जन डॉ आरपी सिंह ने राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक को पत्र लिखकर बीएमएसआईसीएल को मॉर्चुरी चेंबर की आपूर्ति के लिए इंडेंट करने का अनुरोध किया है। सिविल सर्जन ने मॉर्चुरी भवन के लिए दो मॉर्चुरी चेंबर की जरूरत बतायी है। जानकारी के अनुसार सदर अस्पताल के पोस्टमार्टम रूम सह मॉर्चुरी भवन में चार शवों को एक साथ रखने के लिए दो की संख्या में मॉर्चुरी चेंबर लगाये जायेंगे। एक चेंबर में दो शवों को सुरक्षित रखा जा सकता है। मॉर्चुरी चेंबर लगाने के लिए जल्द ही सदर अस्पताल के पोस्टमार्टम रूम सह मॉर्चुरी भवन का जीर्णोद्धार करने की भी योजना है। इस संबंध में डीएम ने भी निर्देश दिया है।
लावारिस शवों की पहचान के लिए रखा जा सकेगा सुरक्षित
सदर अस्पताल में मॉर्चुरी चेंबर नहीं रहने से सबसे ज्यादा परेशानी लावारिस शवों को लेकर होती है। आनन-फानन में अंतिम संस्कार करना पड़ता है। साथ ही पोस्टमार्टम के बाद शव खुले में रहने से दुर्गंध आनी शुरू हो जाती है। इससे आसपास के घरों में रहने वाले लोगों और पोस्टमार्टम रूम से गुजरने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
लगभग 11 लाख रुपये होंगे खर्च
चार शवों को एक साथ सुरक्षित रखने के लिए दो मॉर्चुरी चेंबर लगाने पर लगभग 11 लाख रुपये खर्च किये जायेंगे। इसकी आपूर्ति बीएमएसआईसीएल की ओर से सदर अस्पताल को की जायेगी। मॉर्चुरी चेंबर लगाने से पूर्व मॉर्चुरी भवन का जीर्णोद्धार किया जायेगा। साथ ही बिजली के वायरिंग सहित अस्पताल प्रशासन को सिविल वर्क कराना होगा।
सोर्स-livehindustah