मुजफ्फरपुर। बिहार में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एसटीएफ की विशेष टीम को बड़ी सफलता मिली है। करीब पांच साल पहले दिनदहाड़े सीएसपी (कस्टमर सर्विस प्वाइंट) संचालक से 2.60 लाख रुपये लूटने और फायरिंग करने की घटना में शामिल एक वांछित आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। एसटीएफ की विशेष टीम ने गायघाट थाना क्षेत्र में छापेमारी कर उसे गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपी की पहचान सूरज कुमार उर्फ बंटी के रूप में हुई है। वह गायघाट थाना क्षेत्र के बेला गोपी गांव का निवासी बताया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, यह मामला वर्ष 2021 का है। उस समय सकरा थाना क्षेत्र में सीएसपी संचालक को निशाना बनाते हुए लूट की वारदात को अंजाम दिया गया था। बदमाशों ने दिनदहाड़े संचालक से 2 लाख 60 हजार रुपये लूट लिए थे। वारदात के दौरान फायरिंग भी की गई थी, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया था। दिनदहाड़े हुई इस घटना ने स्थानीय लोगों और कारोबारियों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी थी।
पांच साल से पुलिस को थी आरोपी की तलाश
इस लूट और फायरिंग की घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की थी। जांच के दौरान घटना में शामिल लोगों की पहचान करने और उनके ठिकानों का पता लगाने का प्रयास किया गया। इसी क्रम में सूरज कुमार उर्फ बंटी का नाम भी सामने आया था। घटना के बाद से वह पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। लगातार तलाश के बावजूद उसका पता नहीं चल पा रहा था। समय बीतने के साथ यह मामला पुलिस के लिए चुनौती बना रहा।
अब एसटीएफ की विशेष टीम ने कार्रवाई करते हुए पांच साल से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। टीम को उसकी मौजूदगी की जानकारी मिलने के बाद गायघाट थाना क्षेत्र में छापेमारी की गई। पुलिस ने बेला गोपी गांव के रहने वाले सूरज कुमार उर्फ बंटी को हिरासत में ले लिया। उसकी गिरफ्तारी को वर्ष 2021 की लूट की घटना के मामले में महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।
गायघाट में छापेमारी कर दबोचा
बताया जा रहा है कि आरोपी सकरा थाना क्षेत्र में हुई लूट की घटना के बाद से ही वांछित था। एसटीएफ की विशेष टीम उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही थी। सूचना मिलने के बाद टीम ने गायघाट थाना क्षेत्र में दबिश दी और उसे गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, गिरफ्तारी के दौरान आरोपी कहां मौजूद था और छापेमारी किस विशेष सूचना के आधार पर की गई, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अब पुराने लूटकांड से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल भी महत्वपूर्ण हो गई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर सकती हैं कि वारदात में आरोपी की क्या भूमिका थी और घटना को अंजाम देने में उसके साथ कौन-कौन लोग शामिल थे। साथ ही यह भी महत्वपूर्ण होगा कि घटना के बाद से वह किन परिस्थितियों में फरार रहा और इतने लंबे समय तक गिरफ्तारी से कैसे बचता रहा।
फायरिंग की घटना से दहशत में थे स्थानीय लोग
वर्ष 2021 में हुई इस वारदात में लूट के साथ फायरिंग की घटना ने मामले को गंभीर बना दिया था। सीएसपी संचालक से बड़ी रकम लूटे जाने के कारण यह घटना इलाके में चर्चा का विषय बनी थी। सीएसपी केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। इन केंद्रों पर नकदी का लेन-देन होता है, जिसके चलते संचालक कई बार अपराधियों के निशाने पर आ जाते हैं।
दिनदहाड़े लूट और गोलीबारी की घटनाएं न केवल पीड़ित को आर्थिक नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि आसपास मौजूद लोगों में भी भय पैदा करती हैं। इस मामले में भी पांच साल पहले हुई वारदात के बाद आरोपी की गिरफ्तारी का इंतजार किया जा रहा था।
आगे की कार्रवाई पर टिकी नजर
सूरज कुमार उर्फ बंटी की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस की आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी। आरोपी से पूछताछ के जरिए वर्ष 2021 की लूट की घटना से संबंधित अन्य जानकारियां सामने आ सकती हैं। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास करेगी कि इस वारदात में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं। इसके अलावा आरोपी के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य मामलों में उसकी संभावित संलिप्तता की भी जांच की जा सकती है।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एसटीएफ की विशेष टीम ने गायघाट थाना क्षेत्र में छापेमारी कर सकरा में हुई पांच साल पुरानी लूट और फायरिंग की घटना के वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। 2.60 लाख रुपये की लूट के इस मामले में आरोपी की गिरफ्तारी को पुलिस की महत्वपूर्ण कामयाबी माना जा रहा है। अब आगे की पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया से इस पुराने मामले में और खुलासे होने की उम्मीद है।