सिवान। बिहार के सिवान शहर में सोमवार की देर शाम उस समय अफरातफरी मच गई, जब पी देवी मोड़ के समीप स्थित एक मार्केट में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते कई दुकानें इसकी चपेट में आ गईं। मार्केट में एसी और वाहनों के पार्ट्स की दुकानें होने के कारण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। इस दौरान दुकानों में रखे एसी और रेफ्रिजरेटर की गैस के सिलेंडर फटने से जोरदार धमाके होने लगे। धमाकों की आवाज सुनकर आसपास के दुकानदारों, राहगीरों और स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का अभियान शुरू किया।
घटना सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 की शाम करीब साढ़े सात बजे की बताई जा रही है। उस समय बाजार में लोगों की आवाजाही बनी हुई थी। दुर्गा पूजा और दशहरा मेले के कारण शहर में सामान्य दिनों की तुलना में अधिक भीड़ थी। अचानक मार्केट से आग की लपटें और धुएं का गुबार उठता देखकर लोग घबरा गए। कुछ ही देर में आग की खबर पूरे इलाके में फैल गई और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल के आसपास जमा हो गए।
एसी और वाहन पार्ट्स की दुकानों में लगी आग
जानकारी के अनुसार, जिस मार्केट में आग लगी, वहां अधिकांश दुकानें एसी, रेफ्रिजरेटर और वाहनों के पार्ट्स से संबंधित हैं। कुछ दुकानों में एसी और फ्रिज में इस्तेमाल होने वाली गैस के सिलेंडर भी रखे गए थे।आग लगने के बाद इसकी लपटें तेजी से फैलने लगीं। इसी दौरान गैस सिलेंडरों के फटने से जोरदार धमाकों की आवाज सुनाई देने लगी। धमाकों के कारण स्थानीय लोगों में भय का माहौल बन गया।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग की लपटें इतनी तेज थीं कि पास जाना मुश्किल हो रहा था। दुकानों के भीतर रखा सामान जलने लगा और धुएं के कारण आसपास के क्षेत्र में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
सिलेंडर फटने से मची अफरातफरी
बताया जा रहा है कि एक दुकान में बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर रखे हुए थे। आग की चपेट में आने के बाद इनमें से कई सिलेंडरों में विस्फोट हुआ।स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, संबंधित दुकान में करीब 70 सिलेंडर रखे होने और उनमें से लगभग पांच के फटने की बात सामने आई है। हालांकि, सिलेंडरों की वास्तविक संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।धमाकों की आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे। मार्केट में आग फैलने और लगातार धमाके होने की आशंका ने राहत एवं बचाव कार्य को भी चुनौतीपूर्ण बना दिया।
एक दर्जन दमकल वाहनों को बुलाया गया
आग लगने की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग को जानकारी दी गई। इसके बाद शहर के विभिन्न स्थानों से दमकल की गाड़ियों को घटनास्थल की ओर रवाना किया गया।प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, करीब एक दर्जन छोटे-बड़े अग्निशमन वाहनों और कर्मचारियों को आग बुझाने के लिए बुलाया गया।दमकलकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर पानी की बौछारें शुरू कीं। हालांकि, दुकानों में रखे गैस सिलेंडरों और अन्य सामान के कारण आग बुझाने में काफी परेशानी हुई।एक रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआती दमकल वाहन में पानी खत्म होने के बाद दूसरी गाड़ी की मदद लेनी पड़ी। अग्निशमन कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाने में सफलता हासिल की।
आग लगने के बाद काटी गई बिजली
आग फैलने और बिजली से संबंधित संभावित खतरे को देखते हुए बिजली आपूर्ति भी बंद की गई।जानकारी के अनुसार, घटना की सूचना मिलने के बाद बिजली विभाग ने एहतियात के तौर पर बिजली काट दी, ताकि आग बुझाने के दौरान किसी प्रकार की विद्युत दुर्घटना न हो।बिजली आपूर्ति बंद होने से अग्निशमन कर्मचारियों को राहत कार्य करने में मदद मिली। इसके बाद दमकलकर्मियों ने आग प्रभावित दुकानों तक पहुंचने का प्रयास किया।
शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका
आग लगने के कारणों को लेकर प्रारंभिक स्तर पर बिजली के शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है।घटनास्थल पर मौजूद कुछ स्थानीय लोगों का कहना था कि आग की शुरुआत बिजली की खराबी से हुई हो सकती है। हालांकि, अभी तक आग लगने के वास्तविक कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।आग पर नियंत्रण पाने के बाद संबंधित विभागों द्वारा नुकसान और आग लगने के कारणों की जांच किए जाने की अपेक्षा है।जांच में यह स्पष्ट हो सकेगा कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण था।
दशहरा मेले की भीड़ से बढ़ी परेशानी
घटना के समय शहर में दुर्गा पूजा और दशहरा मेले को लेकर भारी भीड़ थी। बाजारों और प्रमुख सड़कों पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।जैसे ही मार्केट में आग लगने की सूचना फैली, आसपास के लोग घटनास्थल की ओर पहुंचने लगे। इससे सड़क पर जाम जैसी स्थिति पैदा हो गई।भीड़ के कारण दमकल वाहनों को घटनास्थल तक पहुंचने में भी परेशानी हुई। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को हटाकर रास्ता खाली कराया, ताकि राहत एवं बचाव कार्य में बाधा न आए।पुलिसकर्मियों ने घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों को सुरक्षित दूरी पर रहने के लिए भी कहा।
कई दुकानों में भारी नुकसान की आशंका
इस अग्निकांड में कई दुकानों के सामान को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है।स्थानीय रिपोर्ट में करीब एक दर्जन दुकानों के आग से प्रभावित होने की बात कही गई है। हालांकि, कितनी दुकानें पूरी तरह जल गईं और कितनी आंशिक रूप से प्रभावित हुईं, इसका आधिकारिक विवरण सामने नहीं आया है।
एसी, रेफ्रिजरेटर और वाहन पार्ट्स की दुकानों में रखा सामान आग की चपेट में आने से व्यापारियों को बड़ा आर्थिक नुकसान होने की आशंका है।घटना के बाद कई दुकानदार अपने प्रतिष्ठानों की स्थिति को लेकर परेशान दिखाई दिए।अभी तक आग से हुए कुल आर्थिक नुकसान का आकलन नहीं हो पाया है।
जनहानि की आधिकारिक पुष्टि नहीं
आग लगने की घटना में किसी व्यक्ति की मौत या घायल होने की आधिकारिक जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।
हालांकि, आग की भयावहता और सिलेंडरों में हुए विस्फोट को देखते हुए यह एक गंभीर दुर्घटना थी।
मार्केट में बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर रखे होने की जानकारी सामने आने के बाद दुकानों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था का सवाल भी महत्वपूर्ण हो गया है।
आग के कारणों की जांच जरूरी
सिवान के इस अग्निकांड ने व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा
इंतजामों
की आवश्यकता को एक बार फिर सामने ला दिया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, ज्वलनशील गैस और अन्य संवेदनशील सामग्री रखने वाले प्रतिष्ठानों में सुरक्षित भंडारण, उचित वेंटिलेशन, विद्युत उपकरणों की नियमित जांच और अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता बेहद आवश्यक है।फिलहाल आग पर काबू पाने के बाद नुकसान का आकलन और घटना के कारणों की पुष्टि महत्वपूर्ण है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि आग कैसे लगी और इस हादसे में कितनी संपत्ति का नुकसान हुआ।
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