पटना: पटना नगर निगम क्षेत्र में संपत्ति कर के दायरे से बाहर 2500 घर-मकान को अबतक चिन्हित किया गया है. ये ऐसे निर्माण हैं जिनके मालिकों न तो संपत्ति कर का स्व निर्धारण किया न ही कर का भुगतान किया जा रहा.

अब निगम द्वारा इन सभी को नोटिस भेजकर अपनी संपत्ति का स्व कर निर्धारण करने का निर्देश दिया जा रहा है. बीते पांच वर्षों में मकान का नक्शा पास कराने और बिजली उपभोक्ताओं की सूची के आधार पर इन संपत्तियों की पहचान की गई है.

संपत्ति खरीदने की तिथि से देना है होल्डिंग टैक्स: संपत्ति अर्जन की तिथि से ही संपत्ति कर प्रभावी होता है. साथ ही, प्रति माह 1.5 फीसदी की दर से बकाया राशि पर आर्थिक दंड का भी प्रावधान है. जमीन, मकान आदि की खरीद के बाद शीघ्र नामांतरण एवं संपत्ति कर का स्व निर्धारण कराना चाहिए. संपत्ति कर के स्व निर्धारण के लिए ओनरशिप से संबंधित दस्तावेज (रजिस्ट्री, म्यूटेशन आदि), बिजली कनेक्शन, आईडी प्रूफ (आधार, आदि) आवश्यक हैं. अगर कोई व्यक्ति ऑनलाइन कर निर्धारण में असहज है तो वे 5304 पर कॉल कर कर निर्धारण के लिए स्लॉट भी बुक कर सकते हैं.

पटना नगर निगम द्वारा उक्त पर पहुंचकर संपत्ति कर का निर्धारण एवं देय भुगतान राशि, पेनाल्टी आदि की गणना करते हुए कुल राशि की वसूली करेगी.

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