मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में 16 वर्षीय किशोरी की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जजुआर थाना क्षेत्र की कटाई पंचायत के टेकवारा गांव की रहने वाली किशोरी का शव पांच दिन पहले पड़ोसी दरभंगा जिले के कमतौल थाना क्षेत्र में मिला था। पुलिस की शुरुआती जांच में परिवार के सदस्यों की भूमिका को लेकर संदेह गहराया है। घटना के बाद किशोरी के पिता समेत परिवार के सदस्य घर बंद कर फरार बताए जा रहे हैं। इसी कारण पुलिस मामले की जांच हॉरर किलिंग की आशंका को ध्यान में रखकर कर रही है।
जजुआर थानाध्यक्ष रौशन कुमार मिश्रा के अनुसार किशोरी की हत्या उसके परिजनों द्वारा किए जाने की आशंका के बिंदु पर जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पिता और परिवार के अन्य सदस्यों के अचानक गायब होने के कारण संदेह बढ़ा है। हालांकि हत्या किसने की और इसके पीछे वास्तविक कारण क्या था, इसका अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
मामले की शुरुआत करीब पांच दिन पहले हुई थी। दरभंगा जिले के कमतौल थाना क्षेत्र में मालपट्टी-हरिहरपुर मार्ग पर सिसवनी के एक सुनसान इलाके में स्थानीय लोगों ने एक किशोरी का शव देखा था। सूचना मिलने पर कमतौल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर उसकी पहचान कराने का प्रयास शुरू किया।
शुरुआत में मृत किशोरी की पहचान नहीं हो पाई थी। शव अज्ञात होने के कारण कमतौल पुलिस के सामने सबसे पहली चुनौती यह पता लगाने की थी कि किशोरी कौन थी और वह इस सुनसान जगह तक कैसे पहुंची। पुलिस ने आसपास के थानों को भी मामले की जानकारी दी और लापता किशोरियों से संबंधित रिकॉर्ड खंगालना शुरू किया।
जांच की कड़ियां जोड़ते हुए कमतौल पुलिस मुजफ्फरपुर जिले के जजुआर थाना क्षेत्र तक पहुंची। यहां छानबीन के दौरान पता चला कि मृत किशोरी कटाई पंचायत के टेकवारा गांव की रहने वाली थी। किशोरी की पहचान सामने आने के बाद पुलिस ने उसके परिवार के बारे में जानकारी जुटानी शुरू की तो मामला और संदिग्ध हो गया।
बताया जा रहा है कि किशोरी के घर पर ताला लगा मिला और उसके पिता समेत परिवार के सदस्य वहां मौजूद नहीं थे। परिवार के अचानक गायब होने से पुलिस का शक और गहरा गया। इसके बाद हत्या में परिवार के सदस्यों की संभावित भूमिका को लेकर जांच शुरू की गई।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि किशोरी की हत्या टेकवारा गांव या उसके आसपास की गई थी अथवा उसे किसी अन्य स्थान पर ले जाकर मारा गया। साथ ही यह भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है कि शव मुजफ्फरपुर से दरभंगा के कमतौल थाना क्षेत्र में कैसे पहुंचा और उसे सिसवनी के सुनसान इलाके में किसने फेंका।
पुलिस के सामने किशोरी के परिवार को तलाशना फिलहाल महत्वपूर्ण चुनौती है। परिवार के सदस्यों से पूछताछ के बाद ही घटना से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं। पुलिस उनके संभावित ठिकानों का पता लगाने और उनसे संपर्क करने की कोशिश कर रही है।
हॉरर किलिंग की आशंका के चलते पुलिस किशोरी की निजी जिंदगी और हाल के दिनों की गतिविधियों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। उसके परिचितों और आसपास रहने वाले लोगों से पूछताछ कर यह समझने का प्रयास किया जा रहा है कि घटना से पहले परिवार में किसी तरह का विवाद हुआ था या नहीं।
जांच अधिकारी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि किशोरी को आखिरी बार कब और किसके साथ देखा गया था। उसकी मौत और शव मिलने के बीच की पूरी समयरेखा तैयार की जा रही है। इससे पुलिस को यह समझने में मदद मिल सकती है कि हत्या कब हुई और शव को दरभंगा ले जाने की योजना किस तरह बनाई गई।
दरभंगा और मुजफ्फरपुर पुलिस के बीच मामले से जुड़ी जानकारियां साझा की जा रही हैं। चूंकि शव दरभंगा जिले में मिला और मृतका की पहचान मुजफ्फरपुर निवासी के रूप में हुई है, इसलिए दोनों क्षेत्रों की पुलिस के लिए समन्वय महत्वपूर्ण हो गया है।
शव मिलने के स्थान की परिस्थितियों का भी विश्लेषण किया जा रहा है। मालपट्टी-हरिहरपुर मार्ग पर सिसवनी का सुनसान इलाका शव ठिकाने लगाने के लिए क्यों चुना गया, इसे लेकर भी जांच चल रही है। रास्ते में लगे सीसीटीवी कैमरों और अन्य संभावित साक्ष्यों की मदद से यह पता लगाने का प्रयास हो सकता है कि शव वहां तक किस वाहन या रास्ते से पहुंचाया गया।
किशोरी की मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों से स्पष्ट होने की उम्मीद है। जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर ही आरोपियों की भूमिका तय होगी। पुलिस फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय हत्या और परिवार की संभावित भूमिका समेत सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
घटना की जानकारी सामने आने के बाद टेकवारा गांव और आसपास के इलाके में चर्चा तेज है। नाबालिग किशोरी की हत्या और फिर शव दूसरे जिले में मिलने से लोग स्तब्ध हैं। परिवार के घर से गायब होने के कारण मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
फिलहाल जजुआर थाना पुलिस का कहना है कि हत्या में परिजनों की भूमिका और हॉरर किलिंग की आशंका दोनों की गंभीरता से जांच की जा रही है। फरार परिजनों के सामने आने और उनसे पूछताछ के बाद घटना के पीछे की वजह अधिक स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।