गुवाहाटी: असमिया गायक जुबीन गर्ग की मौत के मामले में अमृतप्रभा महंत और संदीपन गर्ग को मिली जमानत के खिलाफ, विशेष जांच दल (SIT) सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगा। यह जानकारी SIT प्रमुख मुन्ना प्रसाद गुप्ता ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी। गुवाहाटी हाई कोर्ट ने 9 अक्टूबर को महंत को और 16 अक्टूबर को संदीपन को जमानत दी थी। सिंगापुर में गायक की मौत से जुड़े इस मामले में कुल सात आरोपी हैं, जिनमें ये दोनों भी शामिल हैं।
पिछले साल 2 अक्टूबर को SIT द्वारा गिरफ्तार की गईं महंत, फिलहाल हाफलोंग जेल में बंद हैं। इस मुख्य मामले के सात आरोपियों में से वह पहली हैं जिन्हें जमानत मिली है। कोर्ट ने उन्हें 50,000 रुपये के मुचलके और इतनी ही राशि की दो जमानतदारों (sureties) की शर्त पर जमानत दी है। ट्रायल कोर्ट द्वारा उनका जमानत मुचलका स्वीकार किए जाने के बाद ही उन्हें रिहा किया जाएगा।
संदीपन, जो असम पुलिस के एक निलंबित अधिकारी और गायक के चचेरे भाई हैं, अक्टूबर 2025 से बक्सा जेल में बंद हैं। उन पर 'गैर-इरादतन हत्या' (culpable homicide not amounting to murder) का आरोप है। सितंबर 2025 में सिंगापुर की यात्रा के दौरान वह जुबीन के साथ थे और उस यॉट (नाव) यात्रा में भी शामिल थे, जिसके दौरान समुद्र में गायक की मौत हो गई थी। जरूरी कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उनकी रिहाई की उम्मीद है।
गुप्ता ने बताया कि सरकार ने कानूनी सलाह लेने के बाद जमानत आदेशों को चुनौती देने का फैसला किया है।
उन्होंने कहा, "हमने इस मामले में कानूनी राय ली है और अमृतप्रभा महंत तथा संदीपन गर्ग को मिली जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला किया है।" उन्होंने स्पष्ट किया कि जमानत मिलने का मतलब बरी होना नहीं है। इन दोनों आरोपियों के खिलाफ फास्ट-ट्रैक कोर्ट में रोजाना सुनवाई चल रही है। गुप्ता ने बताया कि कोर्ट ने 136 चश्मदीदों से पूछताछ पूरी कर ली है। उनके बयान दर्ज कर लिए गए हैं और वे कोर्ट के पास मौजूद हैं।
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