गुवाहाटी। असम के पर्यावरण और वन मंत्री जयंत मल्लाबरुआ ने शुक्रवार को असम स्टेट जू-कम-बॉटैनिकल गार्डन में ‘वाइल्डलाइफ वीक 2026’ का उद्घाटन किया। इस अवसर पर वन्यजीव संरक्षण और लोगों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से पारंपरिक ‘हस्ती पूजन’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान हाथियों की पूजा की गई और वन्यजीवों के संरक्षण का संदेश दिया गया।
वाइल्डलाइफ वीक की शुरुआत के मौके पर पर्यावरण एवं वन मंत्री जयंत मल्लाबरुआ ने कहा कि गुवाहाटी स्थित स्टेट जू में हस्ती पूजन के साथ इस अभियान का शुभारंभ किया गया है। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को वन्यजीवों और प्रकृति के संरक्षण के प्रति जागरूक करना है।
मल्लाबरुआ ने कहा, “हमने आज गुवाहाटी स्टेट जू में ‘वाइल्डलाइफ वीक’ की शुरुआत ‘हस्ती पूजन’ की रस्मी पूजा के साथ की है।” उन्होंने वन्यजीव संरक्षण के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से लोगों को प्रकृति और वन्यजीवों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
वाइल्डलाइफ वीक के दौरान वन्यजीवों की सुरक्षा और उनके प्राकृतिक आवासों के संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस अभियान के माध्यम से लोगों को वन्यजीव संरक्षण में अपनी भूमिका को समझने और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक हस्ती पूजन विशेष आकर्षण रहा। असम में हाथियों का प्राकृतिक और सांस्कृतिक महत्व रहा है। इस आयोजन के जरिए हाथियों सहित अन्य वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता और संरक्षण की भावना को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया।
वाइल्डलाइफ वीक के उद्घाटन के साथ ही वन मंत्री जयंत मल्लाबरुआ ने असम स्टेट जू-कम-बॉटैनिकल गार्डन में चल रहे बड़े पुनर्विकास कार्यों का भी निरीक्षण किया। चिड़ियाघर में करीब 340 करोड़ रुपये की लागत से रीडेवलपमेंट का काम किया जा रहा है।
इस पुनर्विकास परियोजना का उद्देश्य असम स्टेट जू को आधुनिक सुविधाओं से लैस करते हुए एक वर्ल्ड-क्लास वाइल्डलाइफ डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करना है। परियोजना के तहत चिड़ियाघर की मौजूदा व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने और यहां आने वाले लोगों के अनुभव को अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने पुनर्विकास से जुड़े कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने चिड़ियाघर में चल रहे निर्माण और विकास कार्यों का जायजा लिया। 340 करोड़ रुपये की यह परियोजना असम स्टेट जू के व्यापक बदलाव से जुड़ी है।
गुवाहाटी का असम स्टेट जू-कम-बॉटैनिकल गार्डन वन्यजीवों और वनस्पतियों के संरक्षण के लिहाज से महत्वपूर्ण स्थान है। अब बड़े स्तर पर चल रहे पुनर्विकास के माध्यम से इसे और बेहतर बनाने की योजना पर काम किया जा रहा है। इसका लक्ष्य ऐसा वन्यजीव स्थल विकसित करना है, जहां संरक्षण के साथ लोगों को प्रकृति और जीव-जंतुओं के बारे में जानने का अवसर भी मिले।
वन्यजीव सप्ताह के दौरान संरक्षण से संबंधित गतिविधियों के माध्यम से आम लोगों को पर्यावरण और जीव-जंतुओं के महत्व के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया जा रहा है। विशेष रूप से नई पीढ़ी को वन्यजीवों के संरक्षण से जोड़ना ऐसे अभियानों का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
असम जैव विविधता और वन्यजीवों के लिए जाना जाता है। ऐसे में वन्यजीवों के संरक्षण को लेकर जनभागीदारी बढ़ाना भी महत्वपूर्ण है। वाइल्डलाइफ वीक जैसे कार्यक्रम लोगों को वन्यजीवों की सुरक्षा और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति जागरूक करने का अवसर प्रदान करते हैं।
हस्ती पूजन के आयोजन के माध्यम से हाथियों के प्रति सम्मान का संदेश भी दिया गया। हाथियों और मनुष्यों के बीच संबंध लंबे समय से असम की संस्कृति और परंपरा का हिस्सा रहे हैं। वन्यजीव सप्ताह के उद्घाटन में हस्ती पूजन को शामिल कर इसी संबंध को प्रतीकात्मक रूप से सामने रखा गया।
वन मंत्री ने इस अवसर पर असम स्टेट जू के भविष्य को लेकर चल रही तैयारियों का भी जायजा लिया। 340 करोड़ रुपये के पुनर्विकास कार्य के पूरा होने के बाद चिड़ियाघर को विश्वस्तरीय वन्यजीव गंतव्य के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
पुनर्विकास के साथ वन्यजीवों के संरक्षण और उनके लिए बेहतर वातावरण तैयार करने पर भी ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। साथ ही यहां आने वाले पर्यटकों और वन्यजीव प्रेमियों के लिए सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
वाइल्डलाइफ वीक के माध्यम से सरकार वन्यजीवों के प्रति लोगों की जिम्मेदारी को भी रेखांकित कर रही है। वन्यजीवों की सुरक्षा केवल वन विभाग की जिम्मेदारी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें समाज की भागीदारी भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। जागरूकता के माध्यम से लोगों को प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर रहने का संदेश दिया जा रहा है।
असम स्टेट जू में आयोजित कार्यक्रम में वन्यजीव संरक्षण को केंद्र में रखते हुए वाइल्डलाइफ वीक की शुरुआत की गई। हस्ती पूजन के जरिए जहां परंपरा और वन्यजीव संरक्षण को जोड़ा गया, वहीं चिड़ियाघर में चल रहे पुनर्विकास कार्यों के निरीक्षण के जरिए भविष्य की योजनाओं पर भी ध्यान केंद्रित किया गया।
जयंत मल्लाबरुआ ने वाइल्डलाइफ वीक के शुभारंभ के साथ यह संदेश दिया कि वन्यजीवों और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए जागरूकता आवश्यक है। वहीं 340 करोड़ रुपये के पुनर्विकास कार्य के जरिए असम स्टेट जू को आधुनिक और विश्वस्तरीय वन्यजीव गंतव्य के रूप में विकसित करने की दिशा में काम जारी है।
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