असम में स्पेस टेक्नोलॉजी से विकास को नई दिशा, 60 से अधिक प्रोजेक्ट्स पर काम जारी: CM

Update: 2026-07-03 12:30 GMT

Assam असम: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार लंबे समय की विकास चुनौतियों से निपटने के लिए विज्ञान और अंतरिक्ष तकनीक (स्पेस टेक्नोलॉजी) का तेजी से उपयोग कर रही है। उन्होंने बताया कि इससे न केवल प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत हो रही है, बल्कि सार्वजनिक सेवाओं की डिलीवरी भी अधिक प्रभावी और पारदर्शी बन रही है।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी साझा करते हुए असम स्टेट स्पेस एप्लीकेशन सेंटर (ASSAC) की बढ़ती भूमिका पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह संस्था राज्य के गवर्नेंस मॉडल को आधुनिक तकनीक से जोड़ने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है और विभिन्न विभागों को डेटा आधारित निर्णय लेने में मदद कर रही है।

सरमा ने बताया कि ASSAC, जिसे पहले असम रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर (ARSAC) के नाम से जाना जाता था, ने पिछले पांच वर्षों में 60 से अधिक स्पेस और जियोस्पेशियल (भौगोलिक सूचना आधारित) परियोजनाओं पर काम किया है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य राज्य में योजना निर्माण, निगरानी और विकास कार्यों को अधिक वैज्ञानिक और सटीक बनाना है।

मुख्यमंत्री ने अपने बयान में कहा कि असम अब पारंपरिक प्रशासनिक तरीकों के बजाय विज्ञान आधारित समाधान की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि स्पेस टेक्नोलॉजी की मदद से सरकार को जमीनी स्तर पर वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल रही है, जिससे योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू किया जा सकता है।

सरमा ने कहा, “असम लंबे समय की समस्याओं का समाधान खोजने के लिए विज्ञान का उपयोग कर रहा है। ASSAC ने पिछले पांच वर्षों में सरकारी निर्णय लेने और सेवा वितरण में मदद के लिए मैपिंग और फोरकास्टिंग के विभिन्न तरीकों से 60 से अधिक प्रोजेक्ट्स शुरू किए हैं।”

इन प्रोजेक्ट्स के माध्यम से राज्य में भूमि प्रबंधन, बाढ़ निगरानी, कृषि योजना, शहरी विकास और प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में सुधार लाने की कोशिश की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि जियोस्पेशियल तकनीक से योजनाओं की सटीकता बढ़ती है और संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव होता है।

अधिकारियों के अनुसार, ASSAC द्वारा विकसित तकनीकों का उपयोग सरकारी विभागों को रीयल टाइम डेटा उपलब्ध कराने में किया जा रहा है, जिससे निर्णय प्रक्रिया तेज और प्रभावी हो रही है। इससे न केवल समय की बचत हो रही है, बल्कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता भी बढ़ी है।

राज्य सरकार का मानना है कि स्पेस टेक्नोलॉजी और डिजिटल मैपिंग के उपयोग से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में विकास कार्यों की निगरानी बेहतर तरीके से की जा सकती है। इससे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की पहचान, कृषि पैटर्न का विश्लेषण और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की योजना बनाने में मदद मिल रही है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आने वाले समय में असम इस तकनीक का और विस्तार करेगा और इसे सभी प्रमुख विकास योजनाओं के साथ जोड़ा जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि हर विभाग डेटा आधारित निर्णय प्रणाली को अपनाए, जिससे प्रशासन अधिक प्रभावी बन सके।

विशेषज्ञों का कहना है कि असम जैसे भौगोलिक रूप से विविध और प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित राज्य में स्पेस टेक्नोलॉजी का उपयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों में भी तेजी लाई जा सकती है।

इस पहल को राज्य में प्रशासनिक सुधार और तकनीकी नवाचार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो भविष्य में असम के विकास मॉडल को और मजबूत बना सकता है।

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