जमानत के खिलाफ प्रदर्शन: जुबीन गर्ग केस में सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी
गुवाहाटी: गुवाहाटी के दिसपुर इलाके में 'मानव श्रृंखला' (human chain) प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए लोगों ने मंगलवार, 20 अक्टूबर को काहिलिपारा स्थित 10वीं असम पुलिस बटालियन परिसर के अंदर से ही दिवंगत गायक जुबीन गर्ग के लिए न्याय की मांग जारी रखी। आयोजकों ने असम सरकार से यह भी अपील की कि वे इस मामले में दो आरोपियों को मिली जमानत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दें और मजबूत सबूतों के साथ एक सप्लीमेंट्री चार्जशीट (पूरक आरोप-पत्र) दाखिल करें।
प्रदर्शनकारियों ने बटालियन परिसर में नारे लगाए और कहा कि हिरासत में लिए जाने से वे गायक के लिए न्याय मांगने से पीछे नहीं हटेंगे। गायक की मौत ने पूरे असम में लोगों के बीच गहरी चिंता पैदा कर दी है।
हिरासत में लिए गए लोगों में वकील अनिंदिता दास भी शामिल थीं। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उनकी पिटाई की, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। उन्हें गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (GMCH) में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।
यह 'मानव श्रृंखला' प्रदर्शन दिसपुर में राज्य सचिवालय के सामने आयोजित किया गया था। इसका आह्वान 'राइजर दल' के अध्यक्ष और शिवसागर के विधायक अखिल गोगोई ने किया था। आयोजकों में अखिल गोगोई, अनिंदिता दास, मार्शल बरुआ और ज्ञानश्री बोरा सहित अन्य लोग शामिल थे।
आयोजकों ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें जुबीन गर्ग की मौत के मामले की जांच और कानूनी कार्यवाही से जुड़ी कई मांगें रखी गई थीं।
ज्ञापन में मामले की गहन जांच और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की गई। साथ ही, सरकार और पुलिस प्रशासन से यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि हिरासत में मौजूद बाकी आरोपी, चार्जशीट में कथित कमियों या अभियोजन पक्ष के कमजोर केस की वजह से जमानत न पा सकें।
आयोजकों ने कहा कि राज्य सरकार को अदालतों में जमानत याचिकाओं का कड़ा विरोध करना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ एक मजबूत मामला पेश करे।
चार्जशीट पर चिंता जताते हुए ज्ञापन में कहा गया है कि इसमें मौजूद कथित कमियों की काफी आलोचना हुई है। इससे आम जनता के बीच जांच की गंभीरता को लेकर संदेह पैदा हो गया है।
ज्ञापन में असम विधानसभा में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के उस बयान का भी जिक्र किया गया, जिसमें उन्होंने गर्ग की मौत को एक 'सुनियोजित हत्या' बताया था। आयोजकों ने सरकार से आग्रह किया कि मुख्यमंत्री के इस रुख को पुख्ता करने के लिए, ठोस सबूतों के साथ जल्द से जल्द एक सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की जाए। ज्ञापन में राज्य सरकार से यह भी कहा गया है कि वह गुवाहाटी उच्च न्यायालय द्वारा दो आरोपियों - अमृतप्रभा महंत और संदीपन गर्ग - को दी गई जमानत के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में अपील करे। अदालत के आदेश के बाद दोनों को हिरासत से रिहा कर दिया गया है।
जमानत के इस फैसले से जनता के बीच हैरानी और आक्रोश है। इसे देखते हुए आयोजकों ने मांग की है कि सरकार बिना किसी देरी के, उपलब्ध सभी कानूनी विकल्पों में से सबसे सख्त कदम उठाए।
ज्ञापन में कहा गया है कि असम की जनता जुबीन गर्ग को न्याय दिलाने के मामले में कोई समझौता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी। साथ ही, मुख्यमंत्री से आग्रह किया गया है कि वे इन मांगों पर गंभीरता और तत्परता से कार्रवाई करें।