Guwahati गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने दावा किया है कि राज्य की अधिकांश विधानसभा सीटों पर भाजपा के सामने प्रभावी विपक्ष नहीं बचा है। उन्होंने कहा कि विकास आधारित शासन के कारण जनता का समर्थन भाजपा के पक्ष में मजबूती से एकजुट हुआ है। मरियानी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि असम की करीब 90 से 95 विधानसभा सीटों पर विपक्ष की मजबूत मौजूदगी नहीं है। उन्होंने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि दृष्टि और संगठनात्मक मजबूती के अभाव में उनकी राजनीतिक प्रासंगिकता काफी घट गई है।
सरमा ने कहा, “असम की जनता भाजपा का समर्थन कर रही है क्योंकि राज्य में अभूतपूर्व विकास हुआ है। जो लोग असम और उसके भविष्य को लेकर नकारात्मक सोच रखते हैं, वे विकास की इस लहर में बह जाएंगे।” आगामी विधानसभा चुनावों से पहले उन्होंने भरोसा जताया कि भाजपा लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटेगी। मुख्यमंत्री ने सड़क, पुल, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में हुए कार्यों को भाजपा की लोकप्रियता का प्रमुख कारण बताया। उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे के विस्तार, कल्याणकारी योजनाओं और बेहतर प्रशासन ने लोगों का विश्वास मजबूत किया है।
विपक्षी दलों पर हमला जारी रखते हुए सरमा ने कहा कि कांग्रेस और अन्य दल जनता के मुद्दों से जुड़ने में विफल रहे हैं और आंतरिक कलह में उलझे हुए हैं। भाजपा और उसके सहयोगियों के बीच सीट बंटवारे को लेकर उन्होंने कहा कि बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है और मार्च के पहले सप्ताह तक इसे अंतिम रूप दे दिया जाएगा। असम में भाजपा का गठबंधन असम गण परिषद (एजीपी) और यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) जैसे दलों के साथ है, और चुनावी रणनीति के लिहाज से सीट साझेदारी अहम मानी जा रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री के बयान भाजपा के आक्रामक चुनावी रुख को दर्शाते हैं, क्योंकि पार्टी तीसरी बार सत्ता बरकरार रखने की कोशिश में है। वहीं विपक्षी दलों ने इन दावों को अतिआत्मविश्वास बताया है और कहा है कि अंतिम फैसला मतदाता करेंगे। आने वाले महीनों में असम की सियासत में जोरदार मुकाबले के संकेत मिल रहे हैं।