कामरूप में इंडो-इज़राइल एग्रीकल्चरल सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस का उद्घाटन किया
Assam असम: मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा ने कामरूप (मेट्रो) जिले के खेतड़ी में इंडो-इज़राइल एग्रीकल्चरल प्रोजेक्ट के तहत सब्जियों के लिए सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम में असम के कृषि मंत्री अतुल बोरा और भारत में इज़राइल के राजदूत रूवेन अजार भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री सरमा ने उद्घाटन समारोह के दौरान कहा कि यह केंद्र असम के कृषि क्षेत्र में एक नई दिशा देगा और किसानों को आधुनिक तकनीकों के जरिए सब्जियों की पैदावार बढ़ाने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि इंडो-इज़राइल साझेदारी से किसानों को उच्च गुणवत्ता वाली बीज, उन्नत तकनीक और जल संरक्षण के नए तरीके सीखने का अवसर मिलेगा।
सरमा ने आगे कहा कि सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस के माध्यम से किसानों को प्रशिक्षण देने के साथ-साथ कृषि अनुसंधान और विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे असम की सब्जी उत्पादन क्षमता में सुधार आएगा और स्थानीय किसानों की आय में वृद्धि होगी। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे इस अवसर का पूरा लाभ उठाएं और नई तकनीकों को अपनाकर कृषि में नवाचार लाएं। असाम के कृषि मंत्री अतुल बोरा ने कहा कि यह पहल राज्य में एग्री-टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने के लिए अहम कदम है। उन्होंने बताया कि केंद्र किसानों को सीधे मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराएगा। बोरा ने कहा कि इस सेंटर के माध्यम से न केवल खेतड़ी बल्कि पूरे कामरूप जिले और आस-पास के क्षेत्रों में सब्जियों की पैदावार और गुणवत्ता में सुधार आएगा।
भारत में इज़राइल के राजदूत रूवेन अजार ने इस अवसर पर कहा कि इंडो-इज़राइल एग्रीकल्चरल प्रोजेक्ट एक सफल मॉडल साबित हुआ है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह सेंटर असम में कृषि उत्पादन और तकनीकी नवाचार के नए मानक स्थापित करेगा। इस सेंटर में उन्नत सिचाई प्रणाली, उच्च गुणवत्ता वाले बीज और कृषि अनुसंधान के लिए आधुनिक उपकरण उपलब्ध होंगे। किसानों को नई तकनीकों की जानकारी देने के लिए कार्यशालाएं और प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे।