गुवाहाटी : असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार को कहा कि भारत के लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समर्थन करते रहेंगे। उन्होंने केंद्र सरकार को निशाना बनाने की विपक्ष की कोशिशों को खारिज किया और सत्ताधारी दल के डरे हुए होने के आरोपों पर सवाल उठाए।
हरिद्वार में पत्रकारों से बात करते हुए, असम के मुख्यमंत्री सरमा ने असम और पश्चिम बंगाल में उपचुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की चुनावी जीत का हवाला देते हुए कहा कि विपक्षी दलों की आलोचना के बावजूद पार्टी को लोगों का समर्थन मिलता रहा है।
उन्होंने कहा, "हमने पश्चिम बंगाल और असम दोनों जगह उपचुनाव जीते हैं। PM मोदी के समर्थन में आने वाले लोगों की संख्या दिल्ली आने वाले लोगों की तुलना में कई गुना ज़्यादा है।" उन्होंने प्रधानमंत्री के समर्थन में लोगों के जुटने का ज़िक्र करते हुए यह बात कही।
उन्होंने असम में BJP के प्रदर्शन का भी ज़िक्र किया और कहा कि पार्टी ने बड़ी चुनावी जीत हासिल की है और भविष्य में भी अच्छा प्रदर्शन करती रहेगी।
असम के मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष का एक हिस्सा बार-बार केंद्र सरकार पर हमला करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन अपने मकसद में कामयाब नहीं हो पाया है।
उन्होंने कहा, "भारत के लोग सब जानते हैं और वे PM मोदी के साथ खड़े हैं।"
विपक्ष के इस सुझाव पर कि केंद्र सरकार डरी हुई है, असम के मुख्यमंत्री सरमा ने ऐसे दावों के आधार पर सवाल उठाया और कहा कि चुनावी राजनीति को जनता के लिए किए गए कामों के आधार पर आंका जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, "सरकार डरी हुई है, इसका क्या मतलब है? डर की परिभाषा क्या है? चुनाव तो लोगों के लिए काम करने के बारे में होते हैं।"
असम के मुख्यमंत्री सरमा ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सहित संवैधानिक अधिकारियों से मिलने की विपक्ष की कोशिशों का भी ज़िक्र किया और सवाल किया कि राजनीतिक नेताओं का राष्ट्रपति से मिलना या सुप्रीम कोर्ट जाना कोई असाधारण बात कैसे हो सकती है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति मुर्मू नियमित रूप से कई लोगों से मिलती हैं और हज़ारों लोग हर दिन सुप्रीम कोर्ट जाते हैं, इसलिए ऐसी मुलाकातों को अपने आप असाधारण राजनीतिक घटनाक्रम के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
उनके ये बयान सरकार के कामकाज और संस्थागत माध्यमों से चिंताएं उठाने की विपक्ष की कोशिशों को लेकर BJP और विपक्षी दलों के बीच जारी राजनीतिक बहस के बीच आए हैं। असम के मुख्यमंत्री सरमा की बातों से बीजेपी का यह रुख़ साफ़ हुआ कि सरकार के बारे में जनता की राय राजनीतिक डराने-धमकाने के आरोपों के बजाय चुनावी समर्थन और सरकार के कामकाज के रिकॉर्ड के आधार पर तय होनी चाहिए।
असम के मुख्यमंत्री ने कहा कि मतदाता मज़बूती से पीएम मोदी के साथ खड़े हैं और उन्होंने विपक्ष की आलोचना को सरकार को कमज़ोर करने की नाकाम कोशिश बताते हुए खारिज कर दिया।
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