गुवाहाटी: पुलिस ने शहर में दुर्गा पूजा समारोहों के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिनमें शोर-शराबे पर नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन और सड़क सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है।
दिशा-निर्देशों के अनुसार, पूजा समितियों को रात 10 बजे के बाद माइक्रोफोन के जरिए तेज संगीत बजाने की अनुमति नहीं होगी। हर पूजा समिति को यह सुनिश्चित करना होगा कि पूरी रात पंडालों में स्वयंसेवक (वॉलंटियर) मौजूद रहें। सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन में मदद के लिए प्रशिक्षित स्वयंसेवकों को तैनात किया जाएगा।
पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में पूजा पंडालों पर नजर रखेंगे, और हर पूजा स्थल पर सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य कर दिया गया है।
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए, पूजा पंडालों में पुरुषों और महिलाओं के आने-जाने के लिए अलग-अलग रास्ते होने चाहिए। पुलिस ने यह भी चेतावनी दी है कि समारोह के दौरान शराब का सेवन करते पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सड़क सुरक्षा पर भी खास जोर दिया गया है; मोटरसाइकिल चलाने वाले और पीछे बैठने वाले, दोनों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य है।
पांडु और लचित घाट पर दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं।
इन दिशा-निर्देशों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उत्सव सुरक्षित और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो। पूजा समितियों और आने वाले लोगों से अपेक्षा की जाती है कि वे तय किए गए नियमों का पालन करें।
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