गुवाहाटी की डॉक्यूमेंट्री फिल्म का केरल फिल्म फेस्टिवल में चयन
गुवाहाटी की फिल्म को मिली जगह
गुवाहाटी: असम के गुवाहाटी शहर पर बनी डॉक्यूमेंट्री फिल्म “Dreams of a Forgotten Past” को 18वें इंटरनेशनल डॉक्यूमेंट्री एंड शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल ऑफ केरल (IDSFFK) के लिए चुना गया है। यह फिल्म फेस्टिवल के नॉन-कॉम्पिटिशन सेक्शन में दिखाई जाएगी।
यह डॉक्यूमेंट्री गुवाहाटी के पुराने सिंगल स्क्रीन सिनेमाघरों के इतिहास, उनके सुनहरे दौर और धीरे-धीरे खत्म होती संस्कृति को दिखाती है। फिल्म में उन सिनेमाघरों की यादों और शहर की फिल्म देखने की पुरानी परंपरा को सामने लाने की कोशिश की गई है।
पुराने सिनेमाघरों की कहानी दिखाएगी फिल्म
फिल्म का निर्देशन कल्पज्योति भुइयां ने किया है, जबकि इसका निर्माण डॉ. जाबीन अहमद, डॉ. मुक्तिस्मान हजारिका और हिमज्योति तालुकदार ने किया है। यह फिल्म अल्ताफ मजिद यूथ डॉक्यूमेंट्री फेलोशिप 2024-25 के तहत बनाई गई है।
डॉक्यूमेंट्री में गुवाहाटी के ऐतिहासिक सिनेमा हॉलों से जुड़े कलाकारों, फिल्म विशेषज्ञों और वहां काम कर चुके लोगों के अनुभवों को भी शामिल किया गया है। इसके जरिए यह बताने का प्रयास किया गया है कि ये सिनेमाघर कभी शहर की सांस्कृतिक पहचान का अहम हिस्सा हुआ करते थे।
असम की डॉक्यूमेंट्री सिनेमा को पहचान
इस चयन को असम के डॉक्यूमेंट्री सिनेमा के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। IDSFFK देश के प्रमुख डॉक्यूमेंट्री और शॉर्ट फिल्म मंचों में से एक है, जिसका आयोजन केरल राज्य चलचित्र अकादमी द्वारा किया जाता है।
फिल्म के निर्देशक कल्पज्योति भुइयां ने कहा कि इस प्रोजेक्ट के जरिए उन्हें उन सिनेमा हॉलों के इतिहास को फिर से देखने का मौका मिला, जहां उन्होंने बचपन में फिल्में देखी थीं।
गुवाहाटी की सांस्कृतिक विरासत पर फोकस
“Dreams of a Forgotten Past” सिर्फ पुराने सिनेमाघरों की कहानी नहीं है, बल्कि यह शहर के बदलते सामाजिक और सांस्कृतिक स्वरूप को भी दर्शाती है। फिल्म के जरिए उन जगहों की यादों को संरक्षित करने की कोशिश की गई है, जो कभी लोगों के मनोरंजन और सामाजिक मेलजोल का केंद्र हुआ करती थीं।