असम में बाढ़ का खौफनाक मंजर, 7 जिलों में हालात गंभीर, 7 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित

Update: 2026-07-27 13:33 GMT

असम। लगातार हो रही भारी बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने असम में एक बार फिर बाढ़ की गंभीर स्थिति पैदा कर दी है। राज्य के कई हिस्सों में बाढ़ का पानी तेजी से फैल रहा है, जिससे सामान्य जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, बाढ़ की इस आपदा में अब तक 70 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 7 लाख से अधिक लोग इससे प्रभावित हुए हैं।

राज्य के कई जिलों में हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं। बाढ़ के कारण हजारों परिवारों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। कई गांव पानी में घिर गए हैं और लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। सड़कें, पुल और संपर्क मार्ग जलमग्न होने से कई इलाकों का संपर्क प्रभावित हुआ है।

असम में लगातार बारिश के चलते ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। नदियों के उफान पर आने से निचले इलाकों में पानी भर गया है। कई क्षेत्रों में खेत पूरी तरह डूब गए हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। फसलों के खराब होने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में जुटी हुई हैं। नावों के जरिए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को निकाला जा रहा है और जरूरतमंदों तक भोजन, पानी और जरूरी सामान पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां बड़ी संख्या में लोग शरण ले रहे हैं। इन शिविरों में लोगों के रहने, खाने और स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है। प्रशासन ने अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

बाढ़ के कारण कई इलाकों में बिजली और संचार सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई परिवार अपने घरों और सामान को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंच गए हैं। लोगों का कहना है कि बाढ़ ने उनके जीवन को पूरी तरह बदल दिया है और उन्हें दोबारा सामान्य स्थिति में लौटने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ेगा।

मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कई इलाकों में बारिश की संभावना जताई है, जिससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

असम में हर साल बाढ़ एक बड़ी समस्या बनकर सामने आती है। ब्रह्मपुत्र नदी और उसकी सहायक नदियों के कारण राज्य के कई हिस्से मानसून के दौरान प्रभावित होते हैं। इस बार भी बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है और हजारों लोगों को मुश्किल हालातों का सामना करना पड़ रहा है।

राज्य सरकार और केंद्र सरकार की एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। राहत कार्यों को और तेज करने के लिए अतिरिक्त संसाधन लगाए जा रहे हैं। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालना, उन्हें जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना और बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करना है। असम में बाढ़ का संकट अभी भी बना हुआ है और आने वाले दिनों में हालात पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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