असम: संगीत जगत की हस्ती जुबीन गर्ग की पत्नी गरिमा सैकिया गर्ग ने मंगलवार, 20 अक्टूबर को उनके मौत के मामले में दोषी पाए जाने वाले सभी लोगों के लिए कड़ी सजा की मांग की। उन्होंने कहा कि असम की जनता न्याय की मांग को लेकर एकजुट हो गई है और वह आरोपियों के प्रति किसी भी तरह की नरमी को स्वीकार नहीं करेगी।
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में, गरिमा ने यह बात तब कही जब गुवाहाटी में गायक के लिए न्याय की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहे थे। दिसपुर में राज्य सचिवालय के बाहर लोगों ने 'मानव श्रृंखला' बनाकर प्रदर्शन किया, जिसके बाद कई लोगों को हिरासत में लिया गया और वहां भारी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया।
जनता की इस मांग को कोई राजनीतिक आंदोलन नहीं, बल्कि न्याय की पुकार बताते हुए उन्होंने कहा कि लोग 19 सितंबर को गायक की मौत से जुड़ी परिस्थितियों के बारे में जवाब जानना चाहते हैं।
उन्होंने लिखा, "जुबीन गर्ग लोगों की आवाज़ थे, और इसीलिए आज लोग भी जुबीन गर्ग के लिए एक एकजुट और सशक्त आवाज़ बन गए हैं।"
गरिमा ने कहा कि प्रदर्शनकारी यह जानना चाहते हैं कि गायक की मौत वाले दिन असल में क्या हुआ था और वे चाहते हैं कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों को सजा मिले। उन्होंने आगे कहा कि जनता को राजनीतिक दांव-पेच या जटिल कानूनी प्रक्रियाओं से कोई लेना-देना नहीं है, वे बस गायक के लिए न्याय चाहते हैं।
उन्होंने लिखा, "अगर मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार यह वास्तव में हत्या है, तो विशेष SIT की जांच में जिन मुख्य आरोपियों पर हत्या का आरोप लगा है, उन्हें किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाना चाहिए।" उन्होंने इस बात पर भी सवाल उठाया कि किन परिस्थितियों में महिला आरोपियों में से एक को जमानत पर रिहा कर दिया गया।
उन्होंने आगे कहा कि ये विरोध प्रदर्शन इस बात को दर्शाते हैं कि लोगों के मन में यह चिंता बढ़ रही है कि शायद उन्हें न्याय न मिले। उनके अनुसार, लोगों ने जांच और कानूनी कार्यवाही का धैर्यपूर्वक इंतजार किया, लेकिन मामले को संभालने के तरीके पर संदेह होने के कारण अब उनका भरोसा डगमगाने लगा है।
उन्होंने लिखा, "हर असमिया के मन में यही शंका है कि हमारे भरोसे को ठेस पहुंची है।"
गरिमा ने अधिकारियों से अपील की कि वे प्रदर्शनकारियों की चिंताओं पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि न्याय के लिए जनता की मांग सुनी जानी चाहिए और जो भी दोषी पाया जाए, उसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया कि कानूनी प्रक्रिया सही दिशा में आगे बढ़े और जवाबदेही की मांग को नजरअंदाज न किया जाए। दिसपुर में विरोध प्रदर्शन, मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा गया
रायजोर दल के अध्यक्ष और विधायक अखिल गोगोई के आह्वान पर दिसपुर में असम राज्य सचिवालय के बाहर एक 'मानव श्रृंखला' बनाकर विरोध प्रदर्शन किया गया। इसी दौरान गरिमा का बयान सामने आया। प्रदर्शनकारियों ने जुबीन गर्ग के लिए न्याय की मांग की और जांच की प्रगति पर सवाल उठाए।
भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुए इस प्रदर्शन में कई लोगों को हिरासत में लिया गया। हिरासत में ली गई लोगों में वकील अनिंदिता दास भी शामिल थीं, जिन्हें कथित तौर पर पुलिस की पिटाई में चोट लगने के बाद गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (GMCH) में भर्ती कराया गया।
इसके बाद आयोजकों ने मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें उन्होंने मांग की कि बाकी आरोपियों को जमानत मिलने से रोकने के लिए कदम उठाए जाएं और ठोस सबूतों के साथ एक पूरक चार्जशीट (supplementary chargesheet) दाखिल की जाए।
उन्होंने राज्य सरकार से यह भी आग्रह किया कि अमृतप्रभा महंत और संदीपन गर्ग को जमानत देने के गुवाहाटी उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ वह सर्वोच्च न्यायालय में अपील करे।
इन घटनाओं के बाद जुबीन गर्ग की मौत की जांच को लेकर लोगों की नजरें फिर से टिक गई हैं। उनके परिवार और समर्थकों की लगातार मांग है कि इस मामले के लिए जिम्मेदार लोगों को सजा मिले और उन्हें जवाबदेह ठहराया जाए।
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