Assam में कांग्रेस के सत्ता में आने पर बांग्लादेशियों की वापसी पर बोले डेबब्रत सैकिया
Assam असम: अगर कांग्रेस सत्ता में आती है, तो बांग्लादेशियों के निष्कासन को लेकर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद द्वारा दिए गए बयान के जवाब में कांग्रेस नेता डेबब्रत सैकिया ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी पूरी तरह से असम समझौते (Assam Accord) के पालन के पक्ष में है। डेबब्रत सैकिया ने कहा, "हम पूरी तरह से असम समझौते के पालन के लिए प्रतिबद्ध हैं। असम समझौता हमारे नेता राजीव गांधी द्वारा 1985 में हस्ताक्षरित किया गया था। इसका उद्देश्य असम को विदेशी तत्वों से मुक्त रखना और असमिया जनता के हितों की रक्षा करना था। इसलिए कांग्रेस पार्टी की जिम्मेदारी है कि वह इस समझौते के प्रावधानों का सम्मान करे और हम केवल उसी मार्ग का पालन करेंगे।"
सैकिया के इस बयान से यह स्पष्ट हो गया है कि कांग्रेस पार्टी असम समझौते के तहत विदेशी निवासियों और असमिया लोगों के हितों को संतुलित रूप से ध्यान में रखेगी। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी का लक्ष्य है कि असम में नागरिकता और पहचान से जुड़ी संवेदनशील परिस्थितियों में उचित और कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाए। पार्टी सूत्रों के अनुसार, इमरान मसूद के बयान का मकसद केवल सवाल उठाना और चर्चा करना था, लेकिन कांग्रेस पार्टी का फोकस असम में शांति और संवैधानिक प्रक्रिया के अनुरूप नीति लागू करना है। सैकिया ने जोर देकर कहा कि किसी भी कार्रवाई में असमिया लोगों के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि असम समझौते का पालन करना कांग्रेस पार्टी के लिए रणनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है। यह न केवल राज्य में उनकी राजनीतिक स्थिति मजबूत करेगा बल्कि असम की पहचान और सामाजिक स्थिरता को भी बनाए रखेगा। डेबब्रत सैकिया ने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी कानूनी और संवैधानिक दृष्टिकोण से ही किसी भी विदेशी नागरिक के मुद्दे को हल करेगी। उन्होंने जनता से अपील की कि इस विषय पर किसी भी तरह के अफवाहों या अतिवादी विचारों में ना फंसें।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस बयान से यह संकेत मिलता है कि कांग्रेस पार्टी असम में आने वाले चुनावों में अपनी नीतियों और संवैधानिक प्रतिबद्धताओं को लेकर स्पष्ट संदेश देना चाहती है। साथ ही पार्टी यह सुनिश्चित करना चाहती है कि असम समझौते के तहत सभी प्रावधानों का सही पालन हो और किसी भी जातीय या सामाजिक तनाव को बढ़ावा न मिले। इस प्रकार, डेबब्रत सैकिया का बयान असम में कांग्रेस की स्पष्ट और संवैधानिक नीति को उजागर करता है और पार्टी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि राज्य में विदेशी नागरिकों और असमिया लोगों के हितों के बीच संतुलन बनाए रखना कांग्रेस की प्राथमिकता होगी।