Guwahati गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बुधवार को बक्सा जिला जेल में हुई हिंसा की निंदा करते हुए इसे “अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण” बताया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस घटना को गंभीरता से ले रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि असम सरकार किसी भी प्रकार की जेल के भीतर हिंसा या अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने राज्य पुलिस और जेल विभाग को निर्देश दिया है कि घटना की विस्तृत जांच कर 48 घंटे के भीतर रिपोर्ट पेश की जाए।
क्या है मामला
मंगलवार शाम बक्सा जिला जेल में कैदियों और जेल कर्मियों के बीच हिंसक झड़प हो गई थी। सूत्रों के अनुसार, एक कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद अन्य कैदियों ने जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। विवाद बढ़ने पर जेल के अंदर पथराव और तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं, जिसमें कई जेलकर्मी घायल हो गए।
स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल को बुलाना पड़ा। देर रात तक पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद रही और हालात को शांत करने की कोशिश करती रही।
मुख्यमंत्री ने दिए कड़े निर्देश
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, “बक्सा जिला जेल में जो कुछ हुआ, वह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। हमने तत्काल जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। जेल प्रशासन को सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।”
उन्होंने कहा कि जेलों में कानून व्यवस्था और सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जाएगी और जरूरत पड़ने पर नई सुरक्षा नीतियां लागू की जाएंगी।
गृह विभाग करेगा जांच
असम के गृह विभाग ने भी घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है, जो कैदियों और जेल प्रशासन दोनों के बयानों के आधार पर रिपोर्ट तैयार करेगी। समिति को सात दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
विपक्ष ने उठाए सवाल
वहीं, विपक्षी दलों ने इस घटना को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि असम की जेलों में कैदियों की सुरक्षा और मानवाधिकारों की स्थिति बेहद चिंताजनक है। उन्होंने मांग की कि इस घटना की न्यायिक जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
राज्यभर में बढ़ाई गई सतर्कता
इस घटना के बाद असम के अन्य जेलों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। जेल अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे कैदियों की गतिविधियों पर नजर रखें और किसी भी संभावित तनाव को तुरंत रोकें।
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और असम में शांति एवं सुरक्षा किसी भी कीमत पर भंग नहीं होने दी जाएगी।
Tags: