गुवाहाटी। असम की नागांव लोकसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी की युवा इकाई भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) ने नागांव और मोरीगांव जिलों में युवा मतदाताओं तक पहुंचने के लिए व्यापक संपर्क अभियान की तैयारी की है। संगठन की ओर से दोनों जिलों में करीब 1,800 छोटी बैठकें, सभाएं और घर-घर संपर्क कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई गई है।BJYM की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक नागांव जिला युवा मोर्चा करीब 1,000 बैठकें आयोजित करने की तैयारी कर रहा है। वहीं मोरीगांव जिला युवा मोर्चा ने लगभग 800 बैठकों और संपर्क कार्यक्रमों की योजना बनाई है। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य निर्वाचन क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों में युवा मतदाताओं से सीधे संवाद करना और उन्हें भाजपा की नीतियों तथा विचारधारा से परिचित कराना है।राज्य भाजपा के मीडिया पैनलिस्ट और नागांव लोकसभा उपचुनाव के लिए मीडिया प्रभारी एवं समन्वयक दिलीप कुमार शर्मा ने गुरुवार को कहा कि युवा मोर्चा ने निर्वाचन क्षेत्र के युवाओं के बीच अपना अभियान शुरू कर दिया है। उनके अनुसार नागांव और मोरीगांव के युवा मोर्चा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रमों की तैयारियां तेज कर दी हैं। यह भाजपा और BJYM की चुनावी रणनीति का हिस्सा है।
नागांव लोकसभा सीट पर उपचुनाव के लिए 6 अक्टूबर को मतदान होगा, जबकि मतों की गिनती 9 अक्टूबर को की जाएगी। निर्वाचन आयोग की अधिसूचना के अनुसार चुनाव मैदान में 15 उम्मीदवार हैं। भाजपा ने पूर्व प्रशासनिक अधिकारी देवाशीष शर्मा को अपना उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस की ओर से सिबामोनी बोरा और ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट की ओर से मोहम्मद बदरुद्दीन अजमल उम्मीदवार हैं।देवाशीष शर्मा नागांव और मोरीगांव दोनों जिलों में प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। उन्होंने हाल में सरकारी सेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली और सितंबर में भाजपा में शामिल हुए। इसके कुछ दिन बाद पार्टी ने उन्हें नागांव लोकसभा उपचुनाव का उम्मीदवार घोषित किया।
नागांव सीट पर उपचुनाव मौजूदा सांसद का पद खाली होने के बाद जरूरी हुआ। यह सीट कांग्रेस के प्रद्युत बोरदोलोई के लोकसभा और पार्टी से इस्तीफा देने के बाद खाली हुई थी। इसके बाद वह भाजपा में शामिल हुए और 2026 के असम विधानसभा चुनाव में दिसपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा।अब उपचुनाव को देखते हुए भाजपा ने संगठनात्मक स्तर पर तैयारियां बढ़ा दी हैं। इसी महीने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने नागांव में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की थी। उन्होंने कहा था कि पार्टी निर्वाचन क्षेत्र के 2,306 बूथों पर संगठनात्मक गतिविधियां चला रही है और मतदाताओं से सीधे संपर्क पर जोर दिया जा रहा है। इस बैठक में नागांव और मोरीगांव के 25 मंडलों से जुड़े कार्यकर्ता और स्थानीय जनप्रतिनिधि शामिल हुए थे।
युवा मोर्चा का प्रस्तावित अभियान इसी व्यापक चुनावी तैयारी का हिस्सा है। करीब 1,800 छोटी बैठकों के जरिए संगठन बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों के साथ स्थानीय स्तर पर सीधे संवाद की रणनीति अपना रहा है। छोटी बैठकों में सीमित संख्या में मतदाताओं से बातचीत करने और स्थानीय मुद्दों पर चर्चा करने की योजना है।घर-घर संपर्क अभियान के दौरान कार्यकर्ता मतदाताओं तक पार्टी का संदेश पहुंचाएंगे। विशेष रूप से युवा मतदाताओं को केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं, रोजगार, शिक्षा, कौशल विकास और दूसरे मुद्दों पर पार्टी का पक्ष बताने की तैयारी की गई है। यह भाजपा और BJYM की चुनावी रणनीति है; मतदाताओं की प्रतिक्रिया मतदान के नतीजों से ही स्पष्ट होगी।
नागांव लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में कई विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं और यह नागांव तथा मोरीगांव जिलों के हिस्सों में फैला हुआ है। अलग-अलग क्षेत्रों की सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियां भी अलग हैं। यही कारण है कि राजनीतिक दल बड़े चुनावी कार्यक्रमों के साथ स्थानीय स्तर की बैठकों पर भी जोर दे रहे हैं।भाजपा के साथ कांग्रेस, AIUDF और अन्य उम्मीदवार भी चुनाव प्रचार में सक्रिय हैं। नागांव सीट पर कांग्रेस ने 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में जीत हासिल की थी। इस बार सीट खाली होने और राजनीतिक समीकरणों में बदलाव के बाद उपचुनाव हो रहा है।
चुनाव प्रशासन ने भी मतदान की तैयारियां तेज कर दी हैं। निर्वाचन अधिकारियों की बैठकों में आदर्श आचार संहिता, चुनाव खर्च, मतदान केंद्रों की व्यवस्था, ईवीएम की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था जैसे विषयों की समीक्षा की गई है। चुनाव पर्यवेक्षकों ने राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों से प्रचार के दौरान निर्वाचन आयोग के नियमों का पालन करने को कहा है।नागांव उपचुनाव में भाजपा की युवा इकाई का जोर विशेष रूप से सीधे मतदाता संपर्क पर दिखाई दे रहा है। नागांव में लगभग 1,000 और मोरीगांव में करीब 800 कार्यक्रमों की योजना के जरिए BJYM बड़ी संख्या में युवा मतदाताओं तक पहुंचने की कोशिश करेगा।
आने वाले दिनों में उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों के प्रचार की रफ्तार और बढ़ने की संभावना है। भाजपा के लिए युवा मोर्चा का 1,800 बैठकों वाला अभियान उसके संगठनात्मक प्रचार का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जबकि विपक्षी दल भी अपने-अपने उम्मीदवारों के पक्ष में मतदाताओं तक पहुंचने में जुटे हैं।अब सभी की नजर 6 अक्टूबर के मतदान पर है। नागांव के मतदाता किस उम्मीदवार को अपना प्रतिनिधि चुनते हैं, इसका फैसला 9 अक्टूबर को मतगणना के बाद होगा। फिलहाल BJYM ने छोटी बैठकों और घर-घर संपर्क के जरिए युवा मतदाताओं तक पहुंचने को अपनी चुनावी रणनीति का प्रमुख हिस्सा बनाया है।
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