Assam असम: मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस पार्टी और चुनाव आयोग के बीच चल रहे विवाद पर स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का इसमें कोई दखल नहीं है। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल चुनाव आयोग और कांग्रेस पार्टी के बीच है, और उनकी सरकार का इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं होगा। सीएम सरमा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "यह चुनाव आयोग और कांग्रेस पार्टी के बीच का मामला है। हम इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते। हम कांग्रेस पार्टी के साथ इसमें विवाद नहीं करना चाहते। चुनाव आयोग ने दिशानिर्देश जारी किए हैं। यदि कांग्रेस पार्टी को कोई समस्या है, तो उन्हें सीधे चुनाव आयोग के पास जाना चाहिए। हमारा इसमें कोई दखल नहीं है।
उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि उनकी प्राथमिकता असम में चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और सुचारू बनाए रखना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार किसी भी राजनीतिक विवाद में शामिल नहीं होगी और सभी पक्षों को उचित प्रक्रिया का पालन करने के लिए चुनाव आयोग पर भरोसा करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने यह बात ऐसे समय कही है जब कांग्रेस पार्टी ने कुछ चुनावी प्रक्रियाओं और नियमों पर आपत्ति जताई थी। इस संदर्भ में सीएम का बयान यह संकेत देता है कि उनकी सरकार विवादों में पड़ने की बजाय चुनाव आयोग के निर्देशों का पालन करने पर ध्यान केंद्रित करेगी।
सीएम सरमा के अनुसार, चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों का पालन करना सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है और किसी भी समस्या या असहमति के समाधान के लिए केवल आयोग के माध्यम से ही कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह के स्पष्ट और पारदर्शी दृष्टिकोण से चुनाव प्रक्रिया में विश्वास बनाए रखने में मदद मिलेगी। इस बयान के माध्यम से मुख्यमंत्री ने यह भी संदेश दिया कि राज्य सरकार सभी राजनीतिक दलों के प्रति निष्पक्ष रहेगी और किसी भी तरह के पक्षपात या राजनीतिक दबाव में नहीं आएगी।