Assam के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने ‘निजुत मोइना 2.0’ योजना के तहत लाभार्थियों को चेक वितरित किए
Guwahati गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार को गुवाहाटी में आयोजित एक विशेष समारोह में ‘निजुत मोइना 2.0’ (Nijut Moina 2.0) योजना के तहत हजारों लाभार्थी छात्राओं को वित्तीय सहायता के चेक वितरित किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना राज्य में बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहित करने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि असम सरकार की यह पहल “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” की भावना को आगे बढ़ाती है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत राज्य की छात्राओं को उच्च शिक्षा में प्रोत्साहन देने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, ताकि किसी भी बेटी की पढ़ाई आर्थिक तंगी के कारण बीच में न रुके।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सरमा ने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि असम की हर बेटी आत्मनिर्भर बने और बिना किसी आर्थिक बाधा के अपनी शिक्षा पूरी करे। ‘निजुत मोइना 2.0’ के माध्यम से हम बेटियों को यह संदेश देना चाहते हैं कि राज्य सरकार हमेशा उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत हजारों छात्राओं को प्रत्यक्ष रूप से लाभ मिल रहा है और राज्य सरकार अगले चरण में इस योजना का दायरा और भी बढ़ाने जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले चरण में मिली सफलता के बाद, दूसरे चरण ‘2.0’ में लाभार्थियों की संख्या में 40% की वृद्धि की गई है। सरमा ने कार्यक्रम के दौरान यह भी घोषणा की कि आने वाले वर्षों में राज्य सरकार महिला शिक्षा और रोजगार से जुड़ी कई नई योजनाएं शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि असम सरकार महिलाओं को केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि उद्यमिता के क्षेत्र में भी मजबूत बनाना चाहती है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारा सपना है कि असम की बेटियां डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक, और प्रशासनिक अधिकारी बनें। इसके लिए सरकार न केवल आर्थिक सहायता दे रही है, बल्कि मानसिक और सामाजिक रूप से भी उन्हें सशक्त बनाने का वातावरण तैयार कर रही है। इस मौके पर शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में छात्राएं मौजूद थीं। लाभार्थी छात्राओं ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस योजना ने उनके जीवन में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार किया है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कुछ छात्राओं से बातचीत भी की और उनके भविष्य के लक्ष्यों के बारे में पूछा। उन्होंने उन्हें निरंतर मेहनत करने और समाज में अपनी पहचान बनाने की प्रेरणा दी।कार्यक्रम के समापन पर हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए निरंतर कार्य कर रही है और आने वाले समय में असम देश के अग्रणी शिक्षित राज्यों में शामिल होगा।