New Delhi नई दिल्ली: मुख्यालय 51 उपक्षेत्र, गुवाहाटी, असम के तत्वावधान में रविवार को नारंगी सैन्य स्टेशन पर 'वेटरन्स स्वाभिमान रैली' 2025 बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई गई।
यह कार्यक्रम सशस्त्र बलों के पूर्व सैनिकों की निस्वार्थ सेवा, वीरता और बलिदान का सम्मान करने और शहीदों के परिवारों के प्रति एकजुटता व्यक्त करने के लिए आयोजित किया गया था। उल्लेखनीय है कि असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इस कार्यक्रम में वरिष्ठ सेवारत सशस्त्र बल अधिकारी, विशिष्ट सरकारी प्रतिनिधि और असम तथा आसपास के क्षेत्रों के 2,500 से अधिक पूर्व सैनिक शामिल हुए, जो हाल के दिनों में सबसे बड़े पूर्व सैनिक समागमों में से एक था।
अपने संबोधन में, राज्यपाल ने सैनिकों के साहस, समर्पण और देशभक्ति की सराहना की, साथ ही देश की सुरक्षा और अखंडता में उनके निरंतर योगदान के लिए अपने पूर्व सैनिकों और वीर नारियों के प्रति राष्ट्र की कृतज्ञता व्यक्त की। रैली के एक भाग के रूप में, वीर नारियों और ज़रूरतमंद पूर्व सैनिकों को सम्मान और समर्थन के प्रतीक स्वरूप विशेष वित्तीय सहायता प्रदान की गई। शारीरिक रूप से अक्षम पूर्व सैनिकों को मोटर चालित व्हीलचेयर, मोबिलिटी स्कूटर और मैकेनिकल मेडिकल बेड के रूप में कल्याणकारी सहायता प्रदान की गई। इस अवसर पर पूर्व सैनिक समुदाय की विविध आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए चिकित्सा सहायता, पेंशन सलाह, वित्तीय परामर्श और कौशल विकास के अवसर प्रदान करने वाले स्टॉल भी लगाए गए।
उपस्थित विशिष्ट गणमान्य व्यक्तियों में लेफ्टिनेंट जनरल संजय मलिक, मेजर जनरल ए.के. शर्मा, लेफ्टिनेंट जनरल आर.पी. कलिता (सेवानिवृत्त), एयर मार्शल अंजन कुमार गोगोई (सेवानिवृत्त) और कई अन्य वरिष्ठ नागरिक एवं सैन्य अधिकारी शामिल थे। इस रैली ने गौरव, सम्मान और कृतज्ञता की भावना को बढ़ावा दिया और भारतीय सेना की अपने पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण और खुशहाली के प्रति अटूट प्रतिबद्धता की पुष्टि की। शनिवार को सेना मुख्यालय उत्तराखंड सब एरिया ने जसवंत सिंह ग्राउंड, गढ़ी कैंट, देहरादून में एक मेगा पूर्व सैनिक (ईएसएम) रैली, 'देवभूमि मेगा वेटरन्स' का आयोजन किया था।