ITANAGAR: गवर्नर केटी परनाइक ने कहा कि राज्य सरकार ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि NERIST संकट की पूरी जांच की जाएगी और इस हंगामे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
गवर्नर ने मंगलवार को यहां लोक भवन में NERIST के डायरेक्टर प्रो. नरेंद्रनाथ एस के साथ बैठक के दौरान यह बात कही। बैठक के दौरान, NERIST डायरेक्टर ने गवर्नर को कैंपस में हाल की घटनाओं और हालात को सामान्य करने और स्टूडेंट्स व फैकल्टी सदस्यों की भलाई सुनिश्चित करने के लिए संस्थान द्वारा उठाए जा रहे कदमों के बारे में जानकारी दी।
इन दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं पर गहरी चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि NERIST के एकेडमिक माहौल को हर हाल में बनाए रखा जाना चाहिए।
NERIST सोसाइटी के प्रेसिडेंट भी रहे गवर्नर ने कहा, "NERIST नॉर्थ-ईस्ट में हायर और टेक्निकल एजुकेशन के प्रमुख संस्थानों में से एक है, जिसकी वैज्ञानिक सोच, इनोवेशन और कुशल मानव संसाधन तैयार करने की शानदार विरासत रही है। एकेडमिक माहौल में किसी भी तरह की रुकावट युवा स्टूडेंट्स की उम्मीदों और भविष्य पर बुरा असर डालती है। स्टूडेंट्स का हित और संस्थान की प्रतिष्ठा सबसे ऊपर होनी चाहिए।"
परनाइक ने कहा कि तालमेल बनाए रखने और पढ़ाने-सीखने के लिए अनुकूल माहौल सुनिश्चित करने के लिए जवाबदेही, अनुशासन और संस्थान के मूल्यों का सम्मान जरूरी है।
गवर्नर ने भरोसा जताया कि NERIST प्रशासन, फैकल्टी सदस्य, स्टूडेंट्स और स्टेकहोल्डर्स मिलकर हालात को सामान्य करने और संस्थान की एकेडमिक उत्कृष्टता और समावेशिता की लंबे समय से चली आ रही परंपरा को बनाए रखने के लिए काम करेंगे।
उन्होंने सभी संबंधित लोगों से संयम बरतने और क्षेत्र के सबसे सम्मानित शैक्षणिक संस्थानों में से एक की गरिमा और प्रतिष्ठा को बनाए रखने में योगदान देने का आग्रह किया।
गवर्नर ने नागरिक-केंद्रित शासन की वकालत की
अरुणाचल प्रदेश प्रशासनिक सुधार आयोग के चेयरमैन प्रमोद जैन के साथ एक अलग बैठक में, गवर्नर ने अधिक जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित प्रशासन के लिए अपनी चिंताएं और विजन साझा किया।
गवर्नर ने कार्मिक प्रबंधन, क्षमता निर्माण और संस्थागत कामकाज में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया।
राज्य में शासन को मजबूत करने और सार्वजनिक सेवा वितरण को बेहतर बनाने में आयोग की अहम भूमिका को रेखांकित करते हुए, गवर्नर ने कहा कि आयोग की सिफारिशों में अधिक जवाबदेही को बढ़ावा देने, सरकारी कामकाज में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और सार्थक सिविल सेवा सुधारों के माध्यम से प्रशासनिक दक्षता में सुधार करने पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
उन्होंने उभरती हुई शासन चुनौतियों और बदलती सार्वजनिक अपेक्षाओं के लिए सरकारी अधिकारियों को तैयार करने के लिए उनके निरंतर प्रशिक्षण और कौशल विकास के महत्व पर भी प्रकाश डाला। गवर्नर ने कहा कि राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ज़रूरी सेवाओं और बुनियादी ढांचे के रखरखाव को शामिल करते हुए, शहरी विकास की सही योजना और प्रबंधन की बहुत ज़रूरत है।
गवर्नर ने सरकारी सेवा में उत्कृष्टता, प्रोफेशनलिज़्म और ईमानदारी को बढ़ावा देने के लिए मेरिट-आधारित परफॉर्मेंस मूल्यांकन सिस्टम अपनाने की भी वकालत की। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि कुशल, पारदर्शी और जन-केंद्रित सेवाएँ देने के लिए सिविल सेवाओं का आधुनिकीकरण ज़रूरी है। इसके लिए टेक्नोलॉजी-आधारित गवर्नेंस, आसान प्रशासनिक प्रक्रियाएँ, टेक्नोलॉजी को अपनाना और बेहतर वित्तीय योजना व प्रबंधन ज़रूरी हैं।
सुशासन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए, गवर्नर ने भरोसा जताया कि कमीशन की सिफ़ारिशें अरुणाचल प्रदेश में एक ज़्यादा जवाबदेह, कुशल और नागरिक-केंद्रित प्रशासनिक ढाँचा बनाने में अहम योगदान देंगी। यह ढाँचा लोगों की उम्मीदों और एक विकसित व आत्मनिर्भर राज्य के विज़न के अनुरूप होगा। [लोक भवन]
Tags: