SIR में पारदर्शिता और निष्पक्षता पर जोर राजनीतिक हस्तक्षेप से बचाने की मांग
SIR को लेकर तागाक ने दिए अहम सुझाव
नई दिल्ली: SIR (Special Intensive Revision) की गतिविधियों को लेकर तागाक ने कहा है कि इस प्रक्रिया को पूरी तरह राजनीतिक हस्तक्षेप से दूर रखा जाना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि मतदाता सूची से जुड़ी इस महत्वपूर्ण कवायद में पारदर्शिता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखना जरूरी है।
तागाक का कहना है कि SIR जैसी प्रक्रिया सीधे लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ी होती है, इसलिए इसमें किसी भी तरह का राजनीतिक दबाव या हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से अपील की कि वे नियमों के अनुसार स्वतंत्र रूप से काम करें और सभी नागरिकों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित करें।
निष्पक्षता पर दिया जोर
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का सही और अद्यतन होना लोकतंत्र की मजबूती के लिए बेहद आवश्यक है। यदि इस प्रक्रिया में किसी भी पक्ष का प्रभाव बढ़ता है तो लोगों के बीच विश्वास का संकट पैदा हो सकता है।
तागाक ने यह भी कहा कि SIR के दौरान सभी पात्र मतदाताओं के नाम सही तरीके से शामिल किए जाएं और किसी भी वास्तविक मतदाता को परेशानी का सामना न करना पड़े।
राजनीतिक विवाद से बचने की अपील
SIR को लेकर कई जगहों पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिल रहे हैं। इसी बीच तागाक ने कहा कि चुनाव से जुड़ी प्रक्रियाओं को राजनीति से अलग रखते हुए केवल नियम और तथ्यों के आधार पर पूरा किया जाना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों से पारदर्शी तरीके अपनाने और जनता के बीच सही जानकारी पहुंचाने की आवश्यकता बताई।
लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए अहम
मतदाता सूची संशोधन जैसी प्रक्रियाएं चुनाव व्यवस्था की नींव मानी जाती हैं। ऐसे में सभी पक्षों की जिम्मेदारी है कि वे इसे निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से पूरा होने दें।