Arunachal Pradesh: एक नई साइंटिफिक स्टडी के मुताबिक, अरुणाचल प्रदेश के बांस के जंगल सिर्फ़ इकोलॉजिकल और कल्चरल वेल्थ तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे एंटीबायोटिक्स की अगली पीढ़ी के विकास में भी अहम भूमिका निभा सकते हैं। रिसर्च में पाया गया है कि बांस के माइक्रोबियल इकोसिस्टम में ऐसे बायोएक्टिव कंपाउंड्स मौजूद हैं जो दवा-प्रतिरोधी बैक्टीरिया के ख़िलाफ़ असरदार हो सकते हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह खोज नॉर्थईस्ट इंडिया को ग्लोबल हेल्थ रिसर्च के नक़्शे पर और मज़बूती से स्थापित कर सकती है।



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