अरुणाचल CM की सफाई: 'यह कोई बांध नहीं', विरोधियों को दिया चर्चा का न्योता
अरुणाचल: अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने प्रस्तावित सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट (SUMP) की प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट (PFR) का विरोध करने वालों को बातचीत के लिए आगे आने और सरकार के सामने अपनी चिंताएं रखने के लिए आमंत्रित किया है।
PFR की चल रही प्रक्रिया पर सरकार का रुख स्पष्ट करते हुए खांडू ने कहा कि इस प्रक्रिया को बांध बनाने की मंज़ूरी नहीं माना जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने ज़ोर देकर कहा, "यह कोई बांध नहीं है, यह सिर्फ़ PFR है।" उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया का मकसद प्रोजेक्ट की तकनीकी व्यवहार्यता (technical feasibility) का आकलन करना है।
खांडू ने कहा कि PFR तैयार करने का मतलब यह नहीं है कि प्रोजेक्ट को मंज़ूरी मिल गई है या बांध निश्चित रूप से बनाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार प्रभावित समुदायों से बातचीत करने और कोई भी आगे का फ़ैसला लेने से पहले उनकी चिंताओं और शिकायतों को सुनने के लिए तैयार है।
मुख्यमंत्री ने प्रोजेक्ट का विरोध कर रहे लोगों से अपील की कि वे सिर्फ़ आशंकाओं के आधार पर अपनी राय बनाने के बजाय बातचीत और विचार-विमर्श में शामिल हों।
सियांग और अपर सियांग ज़िलों में प्रस्तावित SUMP का स्थानीय समुदायों और संगठनों के कुछ वर्गों ने विरोध किया है, जिन्हें ज़मीन, आजीविका और पर्यावरण पर इसके संभावित असर की चिंता है।
अरुणाचल प्रदेश सरकार का कहना है कि चल रही प्रक्रिया का मकसद प्रोजेक्ट की व्यवहार्यता का आकलन करना है, और आगे के फ़ैसले ज़रूरी स्टडी और बातचीत के बाद ही लिए जाएंगे।
खांडू का यह निमंत्रण प्रस्तावित मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट पर चल रही चर्चाओं और प्रभावित इलाकों के कुछ वर्गों की ओर से इसके संभावित सामाजिक और पर्यावरणीय असर के बारे में ज़्यादा स्पष्टता की बढ़ती मांगों के बीच आया है।