अमरावती : आंध्र प्रदेश में वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) ने चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने चुनाव आयोग से मांग की है कि निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव सुनिश्चित करने के लिए चुनाव ड्यूटी में केंद्रीय बलों की तैनाती की जाए और कुरनूल के पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) को निलंबित किया जाए। पार्टी का आरोप है कि राज्य की गठबंधन सरकार पुलिस का इस्तेमाल अपने राजनीतिक विरोधियों और YSRCP उम्मीदवारों को डराने-धमकाने के लिए कर रही है।शनिवार को मीडिया से बातचीत के दौरान YSRCP के पूर्व सांसद गोरंटला माधव ने राज्य सरकार और पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी माहौल में YSRCP उम्मीदवारों पर दबाव बनाने के लिए पुलिस का दुरुपयोग किया जा रहा है और इस प्रक्रिया में पुलिसकर्मी भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। पार्टी ने इन आरोपों के आधार पर चुनाव आयोग और राज्यपाल से हस्तक्षेप करने की अपील की है।
केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग
YSRCP की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और स्वतंत्र बनाए रखने के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती जरूरी है। पार्टी का दावा है कि स्थानीय पुलिस पर पक्षपात के आरोपों के बीच केंद्रीय सुरक्षा बलों की मौजूदगी से चुनाव ड्यूटी में निष्पक्षता सुनिश्चित करने में मदद मिल सकती है।पार्टी ने चुनाव आयोग से मांग की है कि संबंधित क्षेत्रों में चुनावी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाए और आवश्यकता के अनुसार केंद्रीय बलों को तैनात किया जाए। YSRCP का कहना है कि सभी उम्मीदवारों को बिना किसी दबाव या भय के चुनाव प्रचार और अन्य चुनावी गतिविधियों में भाग लेने का समान अवसर मिलना चाहिए।हालांकि, केंद्रीय बलों की तैनाती का निर्णय संबंधित चुनाव की प्रकृति, सुरक्षा आकलन और चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र के तहत लिया जाता है। पार्टी की मांग से यह स्पष्ट नहीं होता कि चुनाव आयोग ने इस संबंध में कोई निर्णय लिया है या नहीं।
कुरनूल के DIG पर पक्षपात का आरोप
YSRCP ने कुरनूल के DIG पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का दावा है कि संबंधित पुलिस अधिकारी निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर रहे हैं और सत्ताधारी गठबंधन के पक्ष में कार्रवाई कर रहे हैं। इसी आधार पर पार्टी ने DIG को निलंबित करने की मांग उठाई है।पूर्व सांसद गोरंटला माधव ने कहा कि पुलिस का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्यों के लिए नहीं होना चाहिए। उनके मुताबिक, चुनाव के दौरान प्रशासन और पुलिस की जिम्मेदारी सभी राजनीतिक दलों के साथ समान व्यवहार करना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।पार्टी ने इस मामले में चुनाव आयोग के साथ राज्यपाल से भी हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। उसका कहना है कि कथित पक्षपात के आरोपों की जांच कर आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि मतदाताओं और उम्मीदवारों का चुनावी प्रक्रिया पर भरोसा बना रहे।फिलहाल, DIG के खिलाफ लगाए गए आरोपों के समर्थन में किसी आधिकारिक जांच रिपोर्ट या दस्तावेज का विवरण उपलब्ध नहीं है। संबंधित अधिकारी या राज्य सरकार की प्रतिक्रिया भी उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं है। इसलिए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की अपील
YSRCP ने केंद्रीय चुनाव आयोग और राज्यपाल से पूरे मामले पर ध्यान देने की मांग की है। पार्टी चाहती है कि चुनावी गतिविधियों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था निष्पक्ष रहे और किसी भी उम्मीदवार को पुलिस या प्रशासन की ओर से कथित दबाव का सामना न करना पड़े।पार्टी की मांग है कि चुनाव ड्यूटी में केंद्रीय बलों की तैनाती पर विचार किया जाए और कुरनूल के DIG की भूमिका की समीक्षा की जाए। YSRCP का कहना है कि चुनावों में समान अवसर और निष्पक्ष सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण है।हालांकि, इस मामले में अंतिम स्थिति चुनाव आयोग और संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगी। आरोपों की निष्पक्ष जांच और सभी संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आना आवश्यक है, ताकि यह तय किया जा सके कि चुनावी सुरक्षा व्यवस्था में किसी बदलाव की जरूरत है या नहीं।