DSC-2025 भर्ती में कथित अनियमितताओं को लेकर YSRCP का प्रदर्शन

Update: 2026-07-28 07:03 GMT

अमरावती : आंध्र प्रदेश में मंगलवार को विपक्षी पार्टी YSRCP के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने राज्यभर में विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री नारा लोकेश के इस्तीफे की मांग की और DSC-2025 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग उठाई।

ये विरोध प्रदर्शन YSRCP के युवा और छात्र विंग की ओर से आयोजित किए गए थे। पार्टी कार्यकर्ताओं ने राज्य के विभिन्न जिलों और निर्वाचन क्षेत्रों के मुख्यालयों पर पहुंचकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की।

YSRCP नेताओं का आरोप है कि DSC-2025 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में कई स्तरों पर गड़बड़ियां हुई हैं और अभ्यर्थियों के हितों को नजरअंदाज किया गया है। उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि योग्य उम्मीदवारों के साथ न्याय हो सके।

प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि पूरे मामले की जांच राज्य सरकार के बजाय किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जानी चाहिए। इसी वजह से उन्होंने CBI जांच की मांग रखी। पार्टी नेताओं ने कहा कि यदि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है तो सरकार को जांच से पीछे नहीं हटना चाहिए।

राज्यभर में हुए इन प्रदर्शनों में बड़ी संख्या में YSRCP कार्यकर्ता शामिल हुए। कई स्थानों पर नेताओं ने रैलियां निकालीं और संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा विभाग और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की।

YSRCP के नेताओं ने आरोप लगाया कि शिक्षक भर्ती जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में किसी भी तरह की अनियमितता से हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य पर असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षक पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए, क्योंकि इसका सीधा संबंध राज्य की शिक्षा व्यवस्था से है।

विपक्षी पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार युवाओं और बेरोजगार उम्मीदवारों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही है। नेताओं ने कहा कि शिक्षक भर्ती की तैयारी करने वाले उम्मीदवार लंबे समय से प्रक्रिया में पारदर्शिता और स्पष्टता की मांग कर रहे हैं।

प्रदर्शन के दौरान YSRCP कार्यकर्ताओं ने शिक्षा मंत्री नारा लोकेश के खिलाफ भी नारे लगाए और उनसे पद छोड़ने की मांग की। पार्टी का कहना है कि यदि विभाग में किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो राजनीतिक जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

हालांकि, सरकार की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। सत्तारूढ़ पक्ष पहले भी कई मामलों में विपक्ष के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए खारिज करता रहा है। DSC-2025 भर्ती प्रक्रिया को लेकर सरकार का रुख और आगे की कार्रवाई इस मामले में महत्वपूर्ण होगी।

राज्य में शिक्षक भर्ती हमेशा से एक संवेदनशील मुद्दा रहा है, क्योंकि बड़ी संख्या में युवा इन परीक्षाओं और नियुक्तियों पर निर्भर रहते हैं। भर्ती प्रक्रिया में देरी या विवाद होने से अभ्यर्थियों में असंतोष पैदा होता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना बेहद जरूरी है। परीक्षा प्रणाली, मूल्यांकन और चयन प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट नियम होने चाहिए, ताकि उम्मीदवारों का विश्वास बना रहे।

मंगलवार के विरोध प्रदर्शन के बाद DSC-2025 भर्ती प्रक्रिया का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है। YSRCP ने सरकार पर दबाव बढ़ाने का संकेत दिया है और कहा है कि जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रह सकता है।

फिलहाल राज्य सरकार और शिक्षा विभाग की ओर से आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। शिक्षक भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अभ्यर्थी भी इस मामले में स्पष्टता और निष्पक्ष जांच की उम्मीद कर रहे हैं।

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