श्रीकाकुलम जिले के कासीबुग्गा स्थित वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में हुई भगदड़ की त्रासदी पर अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के वरिष्ठ नेता महबूब शरीफ ने शनिवार को इस घटना को लेकर राज्य की चंद्रबाबू नायडू सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि “यह हादसा सरकार की घोर लापरवाही और प्रशासनिक विफलता का परिणाम है।”
महबूब शरीफ ने मीडिया से बातचीत में कहा, “यह बेहद दिल दहला देने वाली घटना है। हमारे पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी जी ने भी इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की है। लेकिन यह सिर्फ संवेदना जताने का मामला नहीं है, बल्कि सरकार की जिम्मेदारी तय करने का समय है।”
उन्होंने कहा कि हर साल कासीबुग्गा वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में एकादशी के दिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। यह कोई नई बात नहीं थी। बावजूद इसके, इस बार एन. चंद्रबाबू नायडू की टीडीपी गठबंधन सरकार ने उचित सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण की तैयारी नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन के लिए पर्याप्त पुलिस बल और आपात चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था नहीं की, जिसके कारण 9 श्रद्धालुओं को अपनी जान गंवानी पड़ी।
YSRCP नेता ने कहा, “सरकार अब यह कह रही है कि यह एक निजी मंदिर है और पूरा प्रबंधन ट्रस्ट के हाथों में था। लेकिन सवाल यह है कि जब इतने हजार लोग वहां पहुंचते हैं, तो क्या राज्य सरकार का कोई दायित्व नहीं है? क्या मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री या उनके बेटे नारा लोकेश का इस पर कोई ध्यान नहीं होना चाहिए था?”
महबूब शरीफ ने तीखा सवाल उठाया, “अगर निजी संस्थान द्वारा कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, तो क्या सरकार की भूमिका खत्म हो जाती है? जब जनता संकट में होती है, तब सरकार की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। लेकिन इस घटना में टीडीपी गठबंधन सरकार अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रही है और हाथ झाड़ रही है।”
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू को जनता को जवाब देना चाहिए कि जब राज्य में इतनी बड़ी धार्मिक भीड़ जुटती है, तब प्रशासनिक निगरानी क्यों नहीं की गई। “सरकार यह नहीं कह सकती कि उसका इस आयोजन से कोई लेना-देना नहीं है। अगर ऐसा है, तो फिर सरकार किसलिए है? जनता की सेवा करना और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार का दायित्व है, उससे मुंह नहीं मोड़ा जा सकता,” उन्होंने कहा।
YSRCP नेता ने आगे कहा कि यह हादसा भविष्य के लिए एक बड़ा सबक है। उन्होंने मांग की कि राज्य सरकार इस घटना की न्यायिक जांच कराए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे। उन्होंने कहा, “सिर्फ मुआवजा देने से काम नहीं चलेगा। जिनकी लापरवाही से यह हादसा हुआ है, उन सभी को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।”
महबूब शरीफ ने यह भी कहा कि जगन मोहन रेड्डी सरकार के दौरान ऐसे धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती थी, लेकिन मौजूदा शासन में प्रशासनिक उदासीनता बढ़ गई है। “यह सरकार केवल प्रचार और राजनीति में व्यस्त है, जबकि जनता की सुरक्षा के बुनियादी सवालों को नजरअंदाज किया जा रहा है,” उन्होंने आरोप लगाया।
घटना के बाद पूरे राज्य में इस मुद्दे पर सियासी तापमान बढ़ गया है। जहां सत्तारूढ़ टीडीपी गठबंधन सरकार हादसे को “निजी ट्रस्ट की लापरवाही” बता रही है, वहीं विपक्ष इसे “सरकार की नाकामी” करार दे रहा है।