ताडेपल्ली। आंध्र प्रदेश में मेगा DSC-2025 भर्ती और स्पोर्ट्स कोटा से जुड़े विवाद के बीच सत्तारूढ़ TDP के नेतृत्व वाले गठबंधन और विपक्षी YSR कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के बीच राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। YSRCP ने बुधवार को आरोप लगाया कि राज्य सरकार विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ झूठे मामले दर्ज कर विरोध की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। पार्टी ने पुलिस कार्रवाई और पुराने मामलों को दोबारा खोले जाने पर भी सवाल उठाए हैं।YSRCP के केंद्रीय कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए पार्टी लीगल सेल के अध्यक्ष मनोहर रेड्डी ने राज्य सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने राज्य की स्थिति के लिए 'जंगल राज' जैसे शब्द का इस्तेमाल किया। यह YSRCP नेता का राजनीतिक आरोप है। रेड्डी ने दावा किया कि विजयवाड़ा स्थित स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ आंध्र प्रदेश (SAAP) कार्यालय के पास बेरोजगार युवाओं और YSRCP नेताओं पर TDP से जुड़े लोगों ने हमला किया।
मनोहर रेड्डी ने आरोप लगाया कि पुलिस और विशेष टीमें विपक्षी नेताओं तथा कार्यकर्ताओं के खिलाफ छापेमारी कर रही हैं, जिससे उनके परिवारों में डर का माहौल पैदा हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को विपक्ष के सवालों का जवाब देना चाहिए न कि पुलिस कार्रवाई के जरिए असहमति को दबाने की कोशिश करनी चाहिए। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस ने SAAP कार्यालय के पास हुई झड़प को लेकर अपनी अलग जांच शुरू की है।पूरा विवाद 21 सितंबर को विजयवाड़ा के SAAP कार्यालय के पास हुए प्रदर्शन से जुड़ा है। YSRCP नेता और कार्यकर्ता मेगा DSC-2025 की स्पोर्ट्स कोटा भर्ती में कथित अनियमितताओं को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। पार्टी इस मामले की CBI जांच की मांग कर रही है। प्रदर्शन के दौरान हालात तनावपूर्ण हो गए और पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बैरिकेड पार करने तथा कार्यालय की तरफ बढ़ने से रोकने के लिए लाठीचार्ज किया। कई प्रदर्शनकारियों और नौकरी अभ्यर्थियों को हिरासत में भी लिया गया।
घटना के बाद पुलिस ने अपनी जांच तेज कर दी है। पुलिस के अनुसार SAAP कार्यालय के पास हुई झड़प से जुड़े करीब 260 लोगों की पहचान की गई है और 220 से अधिक लोगों के संबंध में डिजिटल साक्ष्य होने का दावा किया गया है। 23 सितंबर तक 12 लोगों की गिरफ्तारी की सूचना थी। पुलिस का कहना है कि वीडियो और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका की जांच की जा रही है और भूमिका स्थापित होने के बाद ही आरोपी बनाया जा रहा है।इसी कार्रवाई को लेकर YSRCP ने सरकार पर राजनीतिक बदले का आरोप लगाया है। मनोहर रेड्डी ने कहा कि पार्टी नेताओं एमएलसी तलसिला रघुराम और देविनेनी अविनाश से जुड़े पुराने मामलों को फिर से खोलना सरकार की कथित प्रतिशोध की राजनीति को दिखाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय निकाय चुनावों से पहले YSRCP नेताओं को चुनाव लड़ने से रोकने के उद्देश्य से उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
YSRCP ने यह भी आरोप लगाया कि कई नेताओं के खिलाफ 'राउडी शीट' खोलने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। पार्टी के एमएलसी रमेश यादव ने बुधवार को दावा किया कि SAAP प्रदर्शन के बाद YSRCP नेताओं के खिलाफ पांच FIR दर्ज हुई हैं और करीब 51 नेताओं के खिलाफ राउडी शीट खोलने की कार्रवाई की जा रही है। ये आंकड़े YSRCP की ओर से दिए गए हैं।दूसरी ओर पुलिस के अनुसार SAAP कार्यालय की घटना में पहचाने गए लोगों में पहले से पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज कुछ लोग भी शामिल हैं। पुलिस ने कहा कि जांच में वीडियो फुटेज, मीडिया चैनलों और सोशल मीडिया पर उपलब्ध वीडियो का विश्लेषण किया जा रहा है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि झड़प में किसने प्रत्यक्ष रूप से हिस्सा लिया और किसकी क्या भूमिका थी।
YSRCP का कहना है कि मूल मुद्दा DSC भर्ती में कथित अनियमितताओं का है। पार्टी ने स्पोर्ट्स कोटा के तहत चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए CBI जांच की मांग की है। YSRCP नेताओं का कहना है कि सरकार को विपक्षी नेताओं पर कार्रवाई करने के बजाय भर्ती प्रक्रिया से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र जांच करानी चाहिए।मनोहर रेड्डी ने मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के एक बयान का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि SAAP कार्यालय के पास हुई घटना पहले से योजनाबद्ध थी। उन्होंने दावा किया कि घटना से पहले दिए गए राजनीतिक बयानों से साजिश की आशंका पैदा होती है। हालांकि यह YSRCP का आरोप है और उपलब्ध पुलिस जांच ने फिलहाल ऐसी किसी साजिश पर अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया है।
YSRCP अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने भी इस मामले को राज्यपाल के सामने उठाने का फैसला किया। पार्टी के मुताबिक जगन ने 23 सितंबर को राज्यपाल से मिलने और SAAP कार्यालय के पास पार्टी कार्यकर्ताओं पर कथित हमले की शिकायत देने के साथ DSC भर्ती में कथित अनियमितताओं की CBI जांच की मांग करने की योजना बनाई।YSRCP नेताओं का दावा है कि पार्टी का आंदोलन बेरोजगार युवाओं और भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़ा है। पार्टी ने कहा है कि आपराधिक मामले या पुलिस कार्रवाई उसके आंदोलन को नहीं रोकेंगे और स्वतंत्र जांच की मांग जारी रहेगी।
वहीं SAAP कार्यालय की घटना को लेकर पुलिस का पक्ष यह है कि प्रदर्शन के दौरान बैरिकेड तोड़ने और कार्यालय की तरफ बढ़ने की कोशिश के बाद स्थिति तनावपूर्ण हुई थी। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई की। इस तरह घटना को लेकर YSRCP और पुलिस के विवरण में महत्वपूर्ण अंतर दिखाई देता है।मनोहर रेड्डी ने सरकार पर लोकतांत्रिक विरोध को दबाने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष सवाल उठाता रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि कथित रूप से झूठे मामले दर्ज करने और राजनीतिक प्रतिशोध में शामिल लोगों को भविष्य में कानूनी जवाबदेही का सामना करना पड़ेगा। यह भी YSRCP नेता का बयान है।फिलहाल SAAP कार्यालय की झड़प की पुलिस जांच जारी है और गिरफ्तारियां भी हुई हैं। दूसरी तरफ YSRCP ने DSC भर्ती की स्वतंत्र CBI जांच की मांग को राजनीतिक अभियान का प्रमुख मुद्दा बना दिया है। आने वाले दिनों में पुलिस जांच और भर्ती विवाद पर सरकार की प्रतिक्रिया से इस राजनीतिक टकराव की आगे की दिशा स्पष्ट होगी।
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