विजयवाड़ा: उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने कहा है कि 'विकसित भारत @2047' की ओर भारत की यात्रा में युवाओं की अहम भूमिका है। उन्होंने ग्रेजुएट्स से "राष्ट्र प्रथम - Nation First" को अपना मार्गदर्शक सिद्धांत बनाने का आग्रह किया।

एसआरएम इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (SRMIST) के कट्टनकुलथुर कैंपस में आयोजित 22वें दीक्षांत समारोह-2026 को संबोधित करते हुए राधाकृष्णन ने कहा कि रिसर्च का मकसद तभी पूरा होता है जब वह समाज के काम आए। उन्होंने ग्रेजुएट्स से अपने ज्ञान और इनोवेशन का इस्तेमाल लोगों का जीवन बेहतर बनाने और मानवता की भलाई में योगदान देने के लिए करने को कहा।

उन्होंने उनसे संवैधानिक मूल्यों को बनाए रखने, विविधता का सम्मान करने, राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने और संकीर्ण स्वार्थ से ऊपर व्यापक राष्ट्रीय हित को रखने का भी आह्वान किया।

इस साल SRMIST के सभी कैंपस में इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी फैकल्टी के तहत कुल 11,684 ग्रेजुएट्स डिग्री पाने के योग्य थे। कट्टनकुलथुर और वडापलानी में कुल 8,084 डिग्रियां दी गईं, जिनमें 7,926 अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट डिग्रियां और 158 पीएचडी शामिल थीं। पहला, दूसरा और तीसरा स्थान हासिल करने वाले कुल 147 रैंक मेडलिस्ट को सम्मानित किया गया।

राधाकृष्णन ने वेंधर म्यूजियम में संस्थापक चांसलर डॉ. टी. आर. पारिवेंधर की 32 फुट ऊंची प्रतिमा का अनावरण भी किया।

तमिलनाडु और केरल के गवर्नर राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने कहा कि ग्रेजुएट्स देश का भविष्य हैं और उनसे आग्रह किया कि वे अपने ज्ञान, टेक्नोलॉजी और सीख का इस्तेमाल समाज और राष्ट्र के हित में करें।

महिंद्रा एंड महिंद्रा के प्रेसिडेंट (ऑटोमोटिव बिजनेस) आर. वेलुसामी को ऑटोमोटिव और मोबिलिटी सेक्टर में उनके योगदान के लिए मानद डॉक्टर ऑफ साइंस (D.Sc.) की उपाधि दी गई। उन्होंने कहा कि भारत को दुनिया का केवल अनुसरण करने के बजाय उसका नेतृत्व करना चाहिए।

SRMIST के वाइस-चांसलर प्रो. सी. मुथामिजचेल्वन ने संस्थान की एकेडमिक, रिसर्च और इनोवेशन से जुड़ी उपलब्धियों पर प्रकाश डाला और कहा कि आने वाला इलेक्ट्रॉनिक कूलिंग सेंटर एडवांस्ड थर्मल-मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी के जरिए भारत के AI, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लक्ष्यों को पूरा करने में मदद करेगा। उन्होंने ग्रेजुएट्स और छात्रों को नशीले पदार्थों के खिलाफ शपथ भी दिलाई।

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