नगरपालिका चुनाव में मतदाताओं ने दिखाया उत्साह, अनिल चंद्र पुनेथा का बड़ा बयान
अमरावती। आंध्र प्रदेश में रविवार, 1 नवंबर 2026 को हुए नगरपालिका चुनावों में मतदाताओं ने उत्साह के साथ भाग लिया। राज्य के 92 शहरी स्थानीय निकायों में मतदान संपन्न हुआ। राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल चंद्र पुनेथा ने बताया कि कुछ छिटपुट घटनाओं को छोड़कर अधिकांश स्थानों पर मतदान शांतिपूर्ण रहा। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने निष्पक्ष, पारदर्शी और भयमुक्त मतदान सुनिश्चित करने के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की थीं। दोपहर तीन बजे तक राज्य में 48.03 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। अंतिम मतदान प्रतिशत की घोषणा सभी मतदान केंद्रों से आंकड़े मिलने और उनका सत्यापन होने के बाद की जाएगी।राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, रविवार सुबह सात बजे से 13 नगर निगमों और 79 नगरपालिकाओं तथा नगर पंचायतों में मतदान शुरू हुआ। निर्धारित कार्यक्रम के तहत शाम पांच बजे मतदान समाप्त हुआ। हालांकि, शाम पांच बजे तक मतदान केंद्रों की कतार में मौजूद मतदाताओं को वोट डालने की अनुमति दी गई। इस दौरान मतदान केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था के साथ चुनाव अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई थी।
राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल चंद्र पुनेथा ने कहा कि चुनाव आयोग का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक पात्र नागरिक को बिना किसी भय, दबाव या बाधा के मतदान करने का अवसर उपलब्ध कराना था। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में भाग लेने वाले मतदाताओं और चुनाव कर्मचारियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।आंध्र प्रदेश में इस बार नगरपालिका चुनाव बड़े पैमाने पर आयोजित किए गए। राज्य निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, कुल 99.35 लाख मतदाता मतदान के लिए पात्र थे। इनके लिए 11,378 मतदान केंद्र बनाए गए थे। विभिन्न पदों के लिए कुल 10,262 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे। इनमें महापौर, नगरपालिका अध्यक्ष, पार्षद और वार्ड सदस्य पदों के प्रत्याशी शामिल हैं।राज्य निर्वाचन आयुक्त ने रविवार को विजयवाड़ा नगर निगम क्षेत्र के वीटीपीएस कॉलोनी मतदान केंद्र का निरीक्षण भी किया। इस दौरान उन्होंने मतदान अधिकारियों से मतदान प्रतिशत, मतदाताओं की सुविधाओं और चुनाव प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी मतदाता को अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
मतदान के दौरान विभिन्न शहरों में मतदाताओं की भागीदारी अलग-अलग रही। कुछ छोटे शहरी निकायों में मतदान का प्रतिशत अपेक्षाकृत अधिक दर्ज किया गया, जबकि विशाखापत्तनम, विजयवाड़ा, गुंटूर, नेल्लोर और तिरुपति जैसे बड़े शहरों में शुरुआती घंटों में मतदान की गति धीमी रही।दोपहर एक बजे तक राज्य में औसतन 37.13 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। इस दौरान विशाखापत्तनम नगर निगम क्षेत्र में 27.55 प्रतिशत, विजयवाड़ा में 36.40 प्रतिशत, गुंटूर में 30.94 प्रतिशत और नेल्लोर में 30.89 प्रतिशत मतदान हुआ। तिरुपति में 32.57 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था।दूसरी ओर, कुछ छोटे नगर निकायों में मतदाताओं की अच्छी भागीदारी देखने को मिली। कनिगिरी में दोपहर एक बजे तक 63.36 प्रतिशत, जम्मलमडुगु में 61.86 प्रतिशत और नगरी में 60.81 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इन आंकड़ों से स्पष्ट हुआ कि राज्य के विभिन्न शहरी क्षेत्रों में मतदान की गति एक समान नहीं रही।
चुनाव आयोग ने मतदान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को विशेष प्राथमिकता दी। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों की निगरानी के लिए पुलिस बल, सीसीटीवी कैमरे और वेबकास्टिंग की व्यवस्था की गई थी। करीब 6,600 स्थानों पर लगभग 12 हजार सीसीटीवी कैमरे लगाए गए। इसके अलावा चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए माइक्रो ऑब्जर्वर और अन्य अधिकारियों की तैनाती की गई।राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव संबंधी वीडियो रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रखने की अवधि भी पहले के 40 दिनों से बढ़ाकर 60 दिन कर दी है। जिन मामलों में चुनाव संबंधी विवाद अदालतों या निर्वाचन न्यायाधिकरणों में लंबित होंगे, उनसे संबंधित रिकॉर्ड मामले के निपटारे तक सुरक्षित रखे जाएंगे।मतदान के दौरान विजयवाड़ा नगर निगम के वार्ड संख्या 55 में तकनीकी और अन्य समस्याओं के कारण मतदान करीब ढाई घंटे की देरी से शुरू हुआ। इस स्थिति को देखते हुए राज्य निर्वाचन आयोग ने संबंधित वार्ड में मतदान का समय शाम पांच बजे से बढ़ाकर साढ़े सात बजे तक कर दिया। यह निर्णय जिला कलेक्टर के अनुरोध पर लिया गया, ताकि सभी पात्र मतदाताओं को मतदान का अवसर मिल सके।
इस बीच पलनाडु और अनंतपुर जिलों से मतदान के दौरान कुछ घटनाओं की जानकारी भी निर्वाचन आयोग को मिली। अनिल चंद्र पुनेथा ने बताया कि संबंधित मामलों में पीठासीन अधिकारियों की रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जाएगी। शिकायतें सही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।चुनाव संबंधी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के दौरान पुलिस अधिकारियों ने भी विभिन्न घटनाओं की जानकारी दी। आईजी राजा कुमारी के अनुसार, मतदान के दौरान लगभग 40 घटनाएं सामने आईं, जबकि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मामलों में कुल 275 एफआईआर दर्ज होने की जानकारी दी गई। संबंधित मामलों की जांच की जा रही है।नगरपालिका चुनावों में कई स्थानों पर निर्विरोध निर्वाचन भी हुआ है। राज्य के 17 नगरपालिकाओं और नगर पंचायतों में अध्यक्ष पदों पर उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए। इनमें आठ शहरी निकाय ऐसे भी रहे, जहां अध्यक्ष और वार्ड सदस्य दोनों पदों पर निर्विरोध निर्वाचन हुआ।
राज्य के 13 नगर निगमों में महापौर पद के लिए 153 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे। वहीं, 70 नगरपालिकाओं में अध्यक्ष पद के लिए 367 प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा। नगर निगमों के कुल 922 वार्डों में से 804 वार्डों में मतदान हुआ, जबकि शेष 118 वार्डों में उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए।नगर निगमों के 804 वार्डों में 3,077 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। इसके अलावा नगरपालिकाओं और नगर पंचायतों के 2,382 वार्डों में 6,669 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा।मतदान समाप्त होने के बाद मतपेटियों और चुनाव सामग्री को निर्धारित रिसेप्शन केंद्रों तथा स्ट्रांग रूम में पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू की गई। स्ट्रांग रूम की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी निगरानी और चौबीसों घंटे पुलिस बल की तैनाती की व्यवस्था की गई है।राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, नगरपालिका चुनावों के मतों की गिनती 3 नवंबर को होगी। मतगणना के बाद महापौर, अध्यक्ष और वार्ड स्तर के उम्मीदवारों के चुनाव परिणाम सामने आएंगे।अनिल चंद्र पुनेथा ने कहा कि अंतिम मतदान प्रतिशत की गणना सभी मतदान केंद्रों से प्राप्त आंकड़ों के सत्यापन के बाद की जाएगी। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।आंध्र प्रदेश में हुए इन नगरपालिका चुनावों को शहरी स्थानीय प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। निर्वाचित प्रतिनिधियों के सामने पेयजल, स्वच्छता, सड़क, जल निकासी और अन्य बुनियादी नागरिक सुविधाओं से जुड़ी जिम्मेदारियां होंगी। अब राज्य की नजर 3 नवंबर को होने वाली मतगणना और चुनाव परिणामों पर टिकी हुई है।