विशाखापत्तनम: ग्रेटर विशाखापत्तनम म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (GVMC) के इंजीनियरिंग कामों के लिए टेंडर प्रतिशत में गड़बड़ी को गंभीरता से लेते हुए, GVMC कमिश्नर केतन गर्ग ने दो कॉन्ट्रैक्ट एजेंसियों को दो साल के लिए ब्लॉक-लिस्ट करने का आदेश दिया।

कमिश्नर ने बताया कि इंजीनियरिंग कामों के लिए टेंडरिंग प्रोसेस और बिल प्रोसेसिंग के दौरान टेंडर प्रतिशत दर्ज करने में गड़बड़ी पाई गई, जिसमें संबंधित इंजीनियर, ड्राइंग ब्रांच के कर्मचारी और कॉन्ट्रैक्ट एजेंसियां ​​शामिल थीं।

आदेशों में कहा गया है कि तय टेंडर प्रतिशत पर टेंडर मंज़ूर होने और लेटर ऑफ़ एक्सेप्टेंस (LOA) जारी होने के बाद, एजेंसियों ने एग्रीमेंट पर साइन करते समय बिना किसी आपत्ति के संबंधित टेंडर प्रतिशत को स्वीकार कर लिया था। कॉन्ट्रैक्ट एजेंसियों की गड़बड़ियों में शामिल होने की बात सामने आने पर, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की गई। कमिश्नर ने आदेश दिया कि RSR कंस्ट्रक्शंस (क्लास-II) और गोस्थानी कंस्ट्रक्शंस (क्लास-III) को ब्लॉक-लिस्ट किया जाए और दो साल तक GVMC के टेंडर में भाग लेने से रोका जाए। कमिश्नर केतन गर्ग ने कहा कि इंजीनियरिंग कामों को पूरा करने में नियमों का उल्लंघन और टेंडरिंग प्रोसेस में गड़बड़ी को गंभीरता से लिया जाएगा और ज़िम्मेदार लोगों के खिलाफ लागू नियमों के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।

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